नवादा : जिले के सिरदला प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत परना डाबर गांव से बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। घर के बाहर खेल रही तीन वर्षीय मासूम बच्ची बिजली के तार की चपेट में आ गई। बच्ची को बचाने पहुंची उसकी मां रानी देवी भी करंट की चपेट में आ गईं, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। दोहरे हादसे के बाद पूरे परना डाबर गांव में मातमी सन्नाटा छा गया।पीड़ित परिवार के घर सांत्वना देने वालों की भीड़ जुटी रही। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है।
पहले भी हो चुके हैं करंट से कई हादसे
परना डाबर गांव की घटना जिले में पूर्व में हुई ऐसी ही कई दर्दनाक घटनाओं की याद दिलाती है, जहां बिजली करंट की चपेट में आने से लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। खासकर बारिश और मानसून के मौसम में बिजली तारों और उपकरणों से जुड़े हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
नरहट में किसान संजय राउत की हुई थी मौत
06 अगस्त को नरहट थाना क्षेत्र के अबगिल गांव में खेत जाने के दौरान 40 वर्षीय किसान संजय राउत सड़क पर गिरे करंट प्रवाहित तार की चपेट में आ गए थे। करंट लगने से उनकी मौके पर मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल बन गया था।
सिरदला के कारिगिद्दी में संजय यादव ने गंवाई थी जान
01 अगस्त को सिरदला प्रखंड के परना डाबर से सटे कारिगिद्दी गांव में भी बिजली करंट से हादसा हुआ था। खेत में कृषि कार्य के दौरान एलटी लाइन के करंट की चपेट में आने से किसान संजय यादव की मौत हो गई थी।
खेतों में बिछे तार से मौत पर ग्रामीणों ने किया था प्रदर्शन
30 जून को कादिरगंज थाना क्षेत्र के गोयठाडीह गांव में खेत की सिंचाई के लिए बिछाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से युवक गोविंदा की मौत हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने कादिरगंज-रोह मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था।
बारिश के मौसम में सावधानी बरतने की अपील
बारिश और मानसून के मौसम में मिट्टी और दीवारों में नमी बढ़ने के कारण बिजली उपकरणों और तारों से हादसे की आशंका अधिक रहती है। स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों से बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और टूटे या ढीले तारों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के बिजली संबंधी कार्य के दौरान पूरी सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके। फिलहाल परना डाबर की घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार को सांत्वना देने तथा आवश्यक सरकारी प्रक्रिया पूरी कराने में जुटे हैं।
भईया जी की रिपोर्ट