मुजफ्फरपुर में बीती देर शाम महज डेढ़ घंटे के भीतर तीन प्रमुख ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं हुईं। इनमें पाटलिपुत्र–गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, पटना–जयनगर इंटरसिटी और लिच्छवी एक्सप्रेस शामिल हैं। पथराव के कारण वंदे भारत के तीन कोचों के शीशे टूट गए। घटना को लेकर रेलवे ने एफआईआर दर्ज कर ली है और उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। उपद्रवियों ने मुजफ्फरपुर जंक्शन और रामदयालु नगर स्टेशन के बीच इन ट्रेनों को निशाना बनाया। सबसे पहले ट्रेन संख्या 26501 पाटलिपुत्र–गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस पर मझौलिया और खबरा के पास अचानक पथराव किया गया, जिससे ट्रेन के तीन कोचों की खिड़कियों के शीशे टूट गए।
रेलवे पुलिस कुछ समझ पाती इससे पहले ही इसी रूट पर चल रही ट्रेन संख्या 15550 पटना–जयनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस और ट्रेन संख्या 14006 लिच्छवी एक्सप्रेस पर भी पथराव किया गया। महज डेढ़ घंटे के भीतर तीन ट्रेनों पर हुए इस हमले से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। खिड़की के पास बैठे कई यात्री खुद को बचाने के लिए सीट छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। इसके बाद यात्रियों ने तत्काल रेलवे प्रशासन और आरपीएफ को इसकी सूचना दी। एक के बाद एक तीन ट्रेनों पर पथराव की सूचना मिलते ही सोनपुर मंडल और रेल सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। आरपीएफ और जीआरपी की टीमें तुरंत सक्रिय हुईं और मामले की जांच शुरू कर दी। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की जा सके।
इधर मुजफ्फरपुर रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की सूचना मिली थी। इसी दौरान अन्य ट्रेनों पर भी पत्थर फेंके जाने की घटनाएं सामने आई हैं। रेल पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रतीत होता है कि कुछ लोग रेलवे लाइन किनारे खड़े थे और ट्रेन गुजरने के दौरान उस पर पत्थर फेंके गए। ट्रेन पर पत्थरबाजी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह भी आशंका जताई जा रही है कि रेलवे ट्रैक किनारे मौजूद कुछ लोगों या बच्चों की ओर से शरारतन पत्थरबाजी की गई हो सकती है। हालांकि, रेलवे पुलिस किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि घटना महज शरारत थी या इसके पीछे किसी असामाजिक तत्व की भूमिका है।