भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आज मंगलवार को विजिलेंस की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कृषि पदाधिकारी के साथ ही उनके ड्राइवर को भी SVU की टीम ने मौके से पकड़ा है। SVU की इस कार्रवाई के बाद मुजफ्फरपुर के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर के एक खाद दुकानदार ने प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके ड्राइवर रामबाबू राय के खिलाफ 50 हजार रुपए की रिश्वत डिमांड करने की शिकायत पटना स्थित विशोष निगरानी ब्यूरो से की थी। इसी मामले के सत्यापन के बाद SVU की टीम ने ट्रैप बिछाकर दोनों को दबोच लिया।
खाद दुकानदार ने की निगरानी से शिकायत
खाद दुकानदार ने निगरानी विभाग को एक लिखित शिकायत दी थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सह प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी मुजफ्फरपुर के पद पर तैनात हिमांशु कुमार ने खाद दुकान की जांच के नाम पर लाइसेंस रद्द करने का भय दिखाकर 50 हजार रुपये की रिश्वत डिमांड कर रहे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि अपने ड्राइवर रामबाबू राय के माध्यम से वे 50,000 रुपए की रिश्वत की डिमांड कर रहे हैं। विशेष निगरानी इकाई ने शिकायत मिलने के बाद गुप्त जांच कराई और मामले का सत्यापन किया। रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर एसवीयू के डीएसपी बिंदेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष ‘धावा दल’ (छापामार दस्ते) का गठन किया गया।
SVU की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और तय योजना के अनुसार आज जैसे ही कृषि पदाधिकारी के ड्राइवर ने घूस के रुपए थामे, उसे पकड़ लिया गया। दरअसल, SVU की टीम ने जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन शुरू होता देखा, वहां छापा मार दिया। इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके ड्राइवर रामबाबू राय को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। निगरानी डीएसपी सुधीर कुमार ने बताया कि अधिकारी रिश्वत की राशि अपने ड्राइवर के माध्यम से ले रहे थे, जिसे सबूतों के साथ जब्त किया गया है। इस मामले में SVU थाना कांड संख्या 6/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। SVU की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।