भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने आज शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर के जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार को 19 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर के चर्च रोड स्थित डीएओ के किराए के निजी आवास से की गई है। दबोचे गए जिला कृषि पदाधिकारी के पास वर्तमान में परियोजना निदेशक (आत्मा) और सहायक निदेशक (शस्य) तिरहुत प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार भी था। जानकारी के अनुसार मामला कृषि विभाग के एक संविदा कर्मी संतोष कुमार के पुनः योगदान से जुड़ा है। उसकी नौकरी का कांट्रैक्ट मात्र 3 माह का ही बचा था और इसे रिन्यू करने के लिए कृषि पदाधिकारी ने 2 लाख की घूस मांगी थी। आज वह इस घूस की रकम की बची हुई शेष राशि 19 हजार की किस्त देने पहुंचा था। जैसे ही उसने नोट दिये, निगरानी टीम ने डीएओ को दबोच लिया।
2 लाख रुपये मांगे थे घूस
आरोप है कि सेवा विस्तार और दोबारा नियुक्ति के बदले कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार ने संतोष कुमार से दो लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। पहली किस्त के रूप में उसने उन्हें 1.81 लाख रुपये दिए थे। परिवादी संतोष कुमार ने बताया कि नौकरी बचाने के लिए उसे भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। उसने बैंक से लोन लिया और पत्नी के गहने गिरवी रखे। उसे अपनी गाड़ी भी बेचनी पड़ी। 5 दिसंबर को उसने रकम जुटा कर 1 लाख 81 हजार रुपये आरोपी अधिकारी को दे दिए। इसके बावजूद शेष 19 हजार रुपये के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
11 दिसंबर को शिकायत दर्ज
लगातार मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आखिर संविदा कर्मी संतोष कुमार ने 11 दिसंबर को पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर निगरानी ने विशेष टीम गठित की। योजना के तहत आज शनिवार को जैसे ही परिवादी रिश्वत की शेष राशि देने आरोपी अधिकारी के आवास पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद निगरानी टीम ने 19 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निगरानी डीएसपी मिथलेश कुमार ने बताया कि जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक (आत्मा) सुधीर को उनके आवास से 19 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल आरोपी पदाधिकारी के आवास पर छापेमारी और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।