मोकामा से JDU के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को गोपालगंज MP-MLA कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हथियार प्रदर्शन और अश्लील गानों के वायरल वीडियो मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद विधायक और उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है। हालांकि इसी मामले में भोजपुरी गायक गुंजन सिंह और अन्य आरोपियों को अदालत से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। गोपालगंज MP-MLA अदालत में सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट के वकील नरेद्र दीक्षित ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को अग्रिम जमानत दिए जाने और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। इसपर कोर्ट ने तत्काल राहत देते हुए विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर रोक का आदेश जारी किया।
क्या है अनंत सिंह पर दर्ज ताजा मामला
यह पूरा मामला बीते 2 मई को सामने आए एक वीडियो से जुड़ा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। पुलिस के अनुसार 2 और 3 मई को गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव का एक वीडियो सामने आया। हथियारों के प्रदर्शन और अश्लील गानों की धुन पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए गए थे। यह संदेह भी जताया गया था कि वीडियो में प्रतिबंधित आधुनिक हथियार दिखाए गए हैं। वीडियो के सामने आने के बाद मीरगंज थाना पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए मोकामा विधायक अनंत सिंह और सिंगर गुंजन सिंह समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही विधायक की गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी।
आज सोमवार को सुनवाई के दौरान अनंत सिंह की ओर से पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता नरेंद्र दीक्षित, कुमार हर्षवर्धन और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश पाठक ने अपनी दलीलें पेश कीं। वकीलों ने कोर्ट के समक्ष यह दलील दी कि वायरल वीडियो को देखने से यह स्पष्ट हो जाता है कि इस मामले में विधायक अनंत सिंह की कोई संलिप्तता नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि विधायक का नाम एक राजनीतिक साजिश के तहत इस FIR में घसीटा गया है। इसके अलावा, उन्होंने यह तर्क दिया कि वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और फुटेज में कहीं भी कोई अश्लील मुजरा दिखाई नहीं देता है। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह उस खास जगह पर मौजूद भी नहीं थे, जहां कथित तौर पर वह अश्लील गाना बज रहा था।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला लोक अभियोजक देव वंश गिरी उर्फ भानु गिरी ने कोर्ट में पुलिस का पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि मीरगंज थाना इलाके के सेमराव गांव में इलाके के कुख्यात रहे गुड्डू राय के घर जनेऊ (उपनयन संस्कार) का कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में विधायक अनंत सिंह अपने दर्जनों समर्थकों और गायक गुंजन सिंह के साथ पहुंचे थे, जहां हथियारों का यह प्रदर्शन हुआ। सरकारी वकील ने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि वायरल वीडियो और उसमें दिख रहे हथियारों की प्रामाणिकता की जांच के लिए वीडियो को एफएसएल भेजा गया है। अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलों और सबूतों को देखने के बाद फिलहाल विधायक अनंत सिंह को राहत दे दी है और पुलिस को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक विधायक के खिलाफ कोई भी दंडात्मक या दबावपूर्ण कार्रवाई न की जाए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने अगली तारीख 29 मई तय की है।