मोतिहारी में पुलिस ने साइबर ठगी के एक इंटरनेशन रैकेट नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 4 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए कल्याणपुर थाना क्षेत्र के खटोलवा गांव निवासी अंकित कुमार को पकड़ा जो महज 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में पाकिस्तान, नेपाल और खाड़ी देशों में बैठे साइबर ठगों के संपर्क में रहकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। अंकित से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने इसके बाद केसरिया थानांतर्गत फुलतकिया के युवराज, गड़हिया के मो. साहिल और मझौलिया के चुन्नू उर्फ अतुल कुमार को दबोचा। मोतिहारी एसपी ने बताया कि जिले में बढ़ते साइबर फ्रॉड के बीच पुलिस को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध युवक एटीएम के पास घूम रहा है। जांच के दौरान जब पुलिस ने अंकित कुमार को हिरासत में लिया और पूछताछ की, तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
भ्रामक विज्ञापन के जरिए ठगी
अंकित कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने उसके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि ये लोग सोशल मीडिया पर भ्रामक विज्ञापन बनाकर लोगों को झांसे में लेते थे। इसके बाद तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर पीड़ितों को डराकर उनसे बड़ी रकम वसूली जाती थीं ठगी की गई राशि को बाद में पाकिस्तान, नेपाल और खाड़ी देशों में बैठे उनके आकाओं के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। पुलिस को आरोपियों के पास से व्हाट्सएप चैट, फोटोग्राफ और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिनसे यह पुष्टि होती है कि उनका संपर्क अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों से था। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
एसपी की आम लोगों से अपील
मोतहारी एसपी ने यह भी बताया कि पूछताछ में बदमाशों ने स्वीकार किया कि वे पाकिस्तानी साइबर अपराधियों के साथ मिलकर काम करते थे। गिरोह के सदस्य पुलिस या अन्य विभाग के अधिकारी बनकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देते थे। पुलिस अधीक्षक ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी संदिग्ध विज्ञापन या कॉल से सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि इस तरह के साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।