नेपाल से सटे बिहार के मधुबनी में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को तब एक बड़ी कामयाबी मिली जब नकली करेंसी का अंतरराष्ट्रीय रैकेट चलाने वाले मोस्ट वांटेड अबुल इनाम उर्फ लादेन को पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में धर दबोचा। जानकारी के अनुसार ‘लादेन’ की लंबे समय से जांच एजेंसियों को तलाश थी और वह पिछले एक साल से फरार था। बताया गया कि बासोपट्टी पुलिस और SSB की ज्वाइंट टीम ने आज मंगलवार सुबह मधुबनी नगर थाना क्षेत्र के कोतवली चौक इलाके में उसके घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार अबुल इनाम उर्फ ‘लादेन’ पर न सिर्फ एक बड़ा नकली करेंसी नेटवर्क चलाने का आरोप है, बल्कि उसने एक पाकिस्तानी नागरिक को भारत से भागने में भी मदद की है। इसके अलावा उसके खिलाफ संदिग्ध गतिविधियों और कथित आतंकवादी संगठनों के साथ उसके लिंक की भी जांच की जा रही है। लादेन काफी समय से फरार था और पिछले कुछ समय से वह पुलिस के रडार पर था। सूत्रों के मुताबिक, लादेन पर पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद अंसारी उर्फ मस्तान को नेपाल के रास्ते भारत से सुरक्षित भागने में मदद करने का आरोप है। मोहम्मद मस्तान को नकली करेंसी का मुख्य हैंडलर माना जाता है, जो बिहार के बॉर्डर वाले जिलों में पाकिस्तान में छपी करेंसी की खेप बांटता था। हालांकि पुलिस ने अभी तक पूरे नेटवर्क की ऑफिशियली पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच में कई अहम सुराग मिले हैं।
बताया जाता है कि मधुबनी नेपाल बॉर्डर से सटा जिला है जिस कारण इसे लंबे समय से नकली करेंसी और तस्करी के लिए किया जाता रहा है। सूत्रों का कहना है कि अबुल इनाम ने बिहार के अलग-अलग जिलों में नकली करेंसी की खेप पहुंचाने के लिए बॉर्डर रूट का इस्तेमाल किया। शक है कि यह नेटवर्क नेपाल बॉर्डर के रास्ते काम करता है। पाकिस्तान में छपी हाई-क्वालिटी नकली करेंसी नोट पहले नेपाल पहुंचाए जाते थे और वहां से बासोपट्टी और जयनगर जैसे बॉर्डर रूट से बिहार में घुसते थे। लादेन इस नेटवर्क का मेन लोकल ऑपरेटर था, जो न सिर्फसप्लाई चेन मैनेज करता था, बल्कि बॉर्डर पार से आने वाले संदिग्धों को पनाह और सेफ रास्ता भी देता था।