सावन की अंतिम सोमवारी पर मधेपुरा के प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से अचानक भगदड़ मच गई जिसमें करीब 6 श्रद्धालु घायल हो गए। सावन की आखिरी सोमवारी होने के कारण आज भारी भीड़ उमड़ी थी। सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच मंदिर के गेट पर भीड़ बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कई श्रद्धालु गिर गए और पीछे से लोग उनके उपर चढ़ते चले गए। करीब 6 लोग घायल हुए हैं जिनमें 4 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। सभी घायलों को मधेपुरा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि जलाभिषेक की आपाधापी के दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कतार टूटने से भगदड़ मच गई। भीड़ के दबाव में प्रशासन की बैरिकेडिंग भी टूट गई। इस दौरान करीब आधा दर्जन श्रद्धालु गिरकर घायल हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गया।

सभी घायलों को तत्काल जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज कराया किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार रविवार तड़के 1 बजे सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में पहुंचने लगे। धीरे-धीरे भीड़ बढ़ती गई और सुबह तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहले से पुलिस और प्रशासन की टीम भी तैनात थी और स्थिति बिगड़ते ही सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया। जवानों ने भीड़ को किनारे किया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना फिर से सामान्य तरीके से चल रही है।
दरअसल, अंतिम सोमवारी को लेकर सिंहेश्वर मंदिर में पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद थी। इसी को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। डीएम और एसपी भी मंदिर की व्यवस्था पर नजर रख रहे थे। हालांकि, सुबह अचानक मंदिर के मुख्य गेट पर भीड़ बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई। पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से जल्द ही स्थिति को संभाल लिया गया। फिलहाल मंदिर परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया था। लोग अपने परिवार के सदस्यों को सुरक्षित करने में जुट गए। सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित कर लोगों को बाहर निकाला।
