सावन की तीसरी सोमवारी पर आज लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में उमड़ी अपार भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई जिसमें सात महिलाओं की मौत हो गई। बताया जाता है कि कतार में लगे श्रद्धालुओं के पास बिजली का एक पोल गिरने के बाद करंट दौड़ने की अफवाह फैल गई जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई। जानकारी के अनुसार तीसरी सोमवारी पर करीब 50 हजार श्रद्धालु जलाभिषेककरने के लिए आज मंदिर पहुंचे थे। इनमें अधिकतर संख्या महिलाओं की थी। भगदड़ के बाद श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे और कई एक-दूसरे के नीचे दब गए। इस हादसे में कुल 19 लोगों के घायल होने की सूचना है और इनमें से कुछ की हालत गंभीर है। फिलहाल वहां प्रशासन की टीम रेस्क्यू अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वाकये पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।

करंट की अफवाह के बाद लोग भागने लगे
बताया जाता है कि सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के महासंयोग पर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए अशोकधाम मंदिर में आज सुबह से ही हजारों भक्तों की कतार लगी हुई थी। लोगों की भारी भीड़ के बीच जलाभिषेक की होड़ मची थी। इसी बिजली का पोल गिरने के कारण करंट फैलने की अफवाह फैल गई। इसके बाद लोग इस झूठी अफवाह वाली करंट से बचने के लिए इधर-उधर भागले लगे और भगदड़ मच गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सुबह जब हजारों शिवभक्त कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक भीड़ में किसी ने चिल्ला दिया कि गिरे हुए पोल में करंट प्रवाहित हो रहा है। इससे श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए अंधाधुंध इधर-उधर भागने लगे। चूंकि भीड़ में महिलाओं की संख्या अधिक थी, इसलिए मृतकों में औरतें ही ज्यादा शामिल हैं।
सभी मृतक महिलाएं, 19 लोग घायल
इसबीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को घायलों के मुफ्त और त्वरित इलाज के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का एलान किया है। फिलहाल मंदिर परिसर में लखीसराय डीएम और एसपी कैंप कर राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि घटना से ठीक पहले लखीसराय स्टेशन पर दो ट्रेनें पहुंची थी जिससे आसपास के इलाकों से भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में जल चढ़ाने के लिए पहुंचे थे। इससे अचानक मंदिर में काफी भीड़ बढ़ गई थी। इसी दौरान अफवाह के चलते लोग डर से भागने लगे और एक दूसरे के उपर गिरते चले गए।
