बिहार में खनन माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गोपालगंज जिले में अवैध बालू खनन सिंडिकेट में लिप्त एक खनन निरीक्षक को डीएम के आदेश पर गिरफ्तार किया गया था। लेकिन गिरफ्तारी के कुछ ही घंटे बाद वह खनन निरीक्षक पुलिस को चकमा देकर थाने से फरार हो गया। इसके बाद पूरे पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। दरअसल गोपालगंज में 12 बालू घाटों की बीते सत्र में नीलामी नहीं हुई थी। इस वर्ष भी नीलामी नहीं होने पर जब डीएम पवन कुमार सिन्हा ने खनन विभाग से पूछताछ और खोजबीन शुरू की तो इसमें बड़ा झोल पाया गया। विभाग की जांच में पता चला कि अब जिले में बालूघाट ही नहीं रहे। सभी घाट अब खेत बन गए हैं। जांच में घाटों का जब खुद डीएम ने जमीनी निरीक्षण करना शुरू किया तो सारी पोल—पट्टी खुल गई। इसके बाद डीएम के आदेश पर जादोपुर पुलिस ने खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद वह नाटकीय ढंग से जादोपुर थाने से फरार हो गया।
बालू घाटों को खेत बता कर अवैध माइनिंग कराने का मामला
गिरफ्तार खनन निरीक्षक के इस तरह थाने से फरारी के बाद पुलिस के हाथ पांव फुल गए और उसकी तलाश में गहन छापेमारी शुरू की गई। बताया जाता है कि खनन विभाग की ओर से डीएम को रिपोर्ट दी गई थी कि जिले में अब कोई बालू घाट बचा ही नहीं है और वे सभी अब खेती योग्य भूमि बन चुके हैं। इसलिए जिले में इस वर्ष भी बालू घाटों की निलामी नहीं हो सकती है। इस रिपोर्ट पर संदेह होने के बाद डीएम ने खुद 12 बालू घाटों के स्थल निरीक्षण का फैसला किया। जब बीते दिन डीएम खुद स्थलीय निरीक्षण के लिए निकले तो आरोपी निरीक्षक सौरभ अभिषेक ने डीएम को गुमराह करने की कोशिश की। वह डीएम को वास्तविक बालू घाटों पर ले जाने के बजाय करीब चार किलोमीटर तक इधर-उधर घुमाता रहा।
स्थल निरीक्षण में DM ने पकड़ी गड़बड़ी, गिरफ्तारी..फरारी
अधिकारी की चालाकी को भांपते हुए डीएम खुद सीधे घाटों पर पहुंच गए। वहां न केवल बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता पाया गया, बल्कि निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि डीएम के आने की सूचना पाकर आनन-फानन में जेसीबी और डंपरों को वहां से हटा दिया गया था। डीएम ने इसे धोखाधड़ी मानते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।जादोपुर पुलिस ने डीएम के निर्देश पर केस दर्ज कर माइनिंग इंस्पेक्टर को हिरासत में ले लिया। परंतु गिरफ्तारी के बाद देर शाम खबर आई कि आरोपी निरीक्षक सौरभ अभिषेक जादोपुर थाने से फरार हो गया है। देर रात विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। एक सरकारी अधिकारी का पुलिस अभिरक्षा से भाग जाना जिले के पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी फजीहत का सबब बन गया है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार इंस्पेक्टर की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।