बिहार में बाढ़ से मची हाहाकार के बीच CM सम्राट चौधरी ने राहत और बचाव कार्य में मदद के लिए वायुसेना से मदद मांगी है। बाढ़ के बदतर होने के चलते राज्य के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम बताए जा रहे हैं। खुद सीएम सम्राट चौधऱी ने माना है कि नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता का विषय है। इसबीच सीएम ने गंगा नदी के जलस्तर का पटना में जायजा भी लिया। बताया गया कि बिहार के सात जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सुपौल में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार करीब पौने तीन लाख लोग बाढ़ के बीच घिरे हुए हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर और कई इलाकों में सड़क संपर्क बाधित होने से राहत एवं बचाव कार्यों के सामने चुनौती बढ़ गई है।
इन सात जिलों में सबसे बड़ी चुनौती
बाढ़ की सबसे अधिक मार झेल रहे इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसलिए अब जिन क्षेत्रों में सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो रहा है, वहां हवाई माध्यम से मदद पहुंचाने की तैयारी है। इसके लिए आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वायुसेना से सहयोग मांगा है। मुख्यमंत्री ने इधर लगातार समय—समय पर बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और इस दौरान स्थिति का जायजा लिया। इसी के बाद अब सरकार ने नई रणनीति बनाई है जिसमें मुख्य फोकस बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, पेयजल, दवा और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
राहत शिविरों की व्यवस्था पर भी नजर
फिलहाल सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की है। सात जिलों में जलस्तर और संपर्क व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित जिलों के डीएम को निचले और जलमग्न इलाकों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर तत्काल बचाव अभियान चलाने को भी कहा गया है। सड़क संपर्क से कटे इलाकों में हवाई माध्यम से राहत पहुंचाने की तैयारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है। स्थिति के अनुसार हवाई राहत अभियान का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
