पटना सिटी के दीदारगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत महुली इलाके में बीती देर रात एक रिफाइंड तेल गोदाम में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर से ही धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। आग लगने के बाद इलाके में अफरातफरी की स्थिति बन गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। परंतु आग लगातार फैलती रही, जिसके बाद और दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। अग्निशमन विभाग के अनुसार बाद में करीब 150 दमकल गाड़ियां आग बुझाने के काम में लगाई गईं। आग पर काबू पाने के लिए आज सोमवार को सुबह तक लगातार पानी की बौछार की जा रही है। अगलगी में लगभग सब कुछ जलकर खाक हो चुका है। अनुमान के मुताबिक इस हादसे में डालडा, रिफाइंड और सरसों तेल समेत करोड़ों की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई है।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। फिलहाल आग लगने की वजह साफ नहीं हो सकी है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। आग पर पूरी तरह से काबू पाने के बाद ही असली कारण का पता चल सकेगा। इस आग में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार गोदाम में बड़ी मात्रा में खाद्य तेल और अन्य सामान रखा हुआ था।
हादसा दीदारगंज थाना क्षेत्र के करमलीचक स्थित महुली रोड पर हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात करीब साढ़े 12 बजे सबसे पहले गोदाम से धुआं निकलता दिखाई दिया। आसपास मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल इसकी सूचना गोदाम के गार्ड को दी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। मौके पर मौजूद गार्ड ने पहले आपातकालीन सेवा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं होने पर फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। सूचना मिलते ही गोदाम के मालिक भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि इस गोदाम से पूरे बिहार में खाद्य तेल की आपूर्ति की जाती थी।