राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गुरुवार को नयी दिल्ली जा रहे हैं। वे वहां एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। यह प्रक्रिया आज दिल्ली स्थित पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में शाम 4 बजे संपन्न होगी। नीतीश कुमार का निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष चुना जाना तय है। जदयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष इसके लिए वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार के साथ मिलकर सबसे पहले नीतीश कुमार के नाम का बतौर JDU राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रस्ताव रखेंगे। इसके बाद नीतीश के चयान की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
संजय झा-श्रवण कुमार होंगे मुख्य प्रस्तावक
नीतीश कुमार के इस नामांकन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बिहार सरकार के मंत्री और वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनके साथ-साथ सांसद संजय झा भी नीतीश कुमार के मुख्य प्रस्तावक के रूप में नामांकन पत्र जमा करेंगे। नई दिल्ली में मंत्री श्रवण कुमार ने भी स्वयं के नीतीश का प्रस्तावक होने की पुष्टि की है। मौके पर एमएलसी संजय गांधी भी मौजूद रहेंगे। जानकारी के अनुसार, जेडीयू के निर्वाचन अधिकारी अनिल हेगड़े को नीतीश कुमार का नामांकन पत्र सौंपा जाएगा। इसके बाद उन्हें निर्विरोध पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया जाएगा और इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
नीतीश कब-कब चुने गए जदयू अध्यक्ष
बतौर जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का पहला कार्यकाल अप्रैल 2016 से दिसंबर 2020 तक रहा है। नीतीश कुमार पहली बार 10 अप्रैल 2016 को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। तब उन्होंने दिग्गज नेता शरद यादव की जगह ली थी। इसके दो साल बाद पुन: वर्ष 2019 में वे दोबारा इस पद के लिए निर्विरोध चुने गए। हालांकि, दिसंबर 2020 में उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अध्यक्ष पद छोड़ दिया और आरसीपी सिंह को कमान सौंप दी। नीतीश कुमार का बतौर जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष दूसरा कार्यकाल दिसंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच रहा। मालूम हो कि आरसीपी सिंह के पार्टी से जाने के बाद लगभग तीन साल के अंतराल पश्चात 29 दिसंबर 2023 को दिल्ली में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार फिर से अध्यक्ष चुने गए। तत्कालीन अध्यक्ष ललन सिंह के इस्तीफे के बाद उन्होंने पार्टी की बागडोर अपने हाथों में ली। यह कार्यकाल 2024 के लोकसभा चुनावों और 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। अब नीतीश पार्टी अध्यक्ष पद पर तीसरे कार्यकाल के लिए आज 19 मार्च 2026 को फिर नामाकंन करेंगे। वे इस पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार होंगे, इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना तय है।