बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने आज से राज्य के उपभोक्ताओंं के लिए नई बिजली दरों की घोषणा की है। इससे स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी बचत मिलेगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को भी इसका फायदा मिलेगा। नई दरें आज यानी 1 अप्रैल से लागू हो गई हैं। नई दरों में बिहार सरकार ने 62 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को राहत दी है। आज से स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिलेगी। मालूम हो कि बिहार में 2.12 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ता है। उसमें से सवा करोड़ ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को 54 पैसे प्रति यूनिट आज से कम भुगतान करना होगा। नई और सस्ती बिजली दरों वाली यह व्यवस्था 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को कितना फायदा
बिहार सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वालों को अतिरिक्त लाभ देने का फैसला किया है। लगभग 62 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को ये फायदा मिलने वाला है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिलेगी। पहले से ही सरकार प्रीपेड मीटर को रीचार्ज करने पर 3 फीसदी की छूट दे रही है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर लगवाने के छह महीने तक उपभोक्ता निर्धारित लोड से अधिक बिजली खपत करने पर भी कोई जुर्माना नहीं देंगे।
ग्रामीण उपभोक्ताओं को कितनी मिलेगी छूट
नई दरों के लागू होने के बाद अब ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के बिल का बोझ भी काफी हद तक कम हो गया है। ग्रामीण इलाके में कुटीर ज्योति और घरेलू श्रेणी में सवा करोड़ उपभोक्ता हैं। इसके तहत दो स्लैब बनाए गए हैं। जिन घरेलू और कुटीर ज्योति कनेक्शन (BPL) वाले उपभोक्ताओं को बिजली खपत 50 यूनिट से अधिक होगी, उन्हें 54 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिलेगी। वहीं, इस श्रेणी के स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त लाभ जुड़कर 79 पैसे प्रति यूनिट हो जाएगा।
उघोगों और कोल्ज स्टोरेज को विशेष राहत
इसके अलावा कृषि आधारित कोल्ड स्टोरेज इकाइयों के लिए विशेष रियायतों की घोषणा हुई है। अब 74 किलोवाट तक की क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज को LT (लो टेंशन) श्रेणी में रखा गया है, जबकि 50 केवीए से 1500 केवीए तक के कोल्ड स्टोरेज के लिए एक अलग श्रेणी बनाई गई है। इससे कृषि उत्पादों के भंडारण की लागत में कमी आएगी। इसके साथ ही BERC ने औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। साथ ही, डिजिटल भुगतान करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं को एक फीसदी (अधिकतम 50,000 रुपये) तक की छूट दी जाएगी। यह निर्णय बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।