बिहार भाजपा ने आज मंगलवार को चुनावी रथों को लॉन्च किया जो राज्य के अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों में घूमेंगे और बीजेपी के मुद्दों को जन जन तक पहुंचाएंगे। इस रथ का स्लोगन है ‘चलो जीते हैं’। इन रथों के माध्यम से बिहार के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन पर बनी एक फिल्म दिखाई जाएगी जिसमें यह बताया गया है कि कैसे उन्होंने गरीबी और संघर्षों से लड़ते हुए सेवा और संकल्प तथा कर्तव्य के माध्यम से समाज को नई राह दिखाई। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित हुए कार्यक्रम में इन रथों को रवाना किया गया। इस मौके पर बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े, मंत्री मंगल पांडेय, मंत्री नितिन नवीन मौजूद रहे।
भाजपा के ये चुनावी रथ बिहार के 50 हजार स्थानों पर लघु फिल्में दिखायेंगे। इनमें पीएम मोदी के बचपन से जुड़ी कहानियां तथा गरीबी और संघर्ष पर जुड़ी प्रेरक फिल्में लोगों के बीच दिखाई जाएंगी। दरअसल, 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन है। बिहार भाजपा इसे सेवा पखवाड़ा के तौर पर मना रही है। बीजेपी की तरफ से बताया गया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। भाजपा के ये चुनावी सेवा रथ भाजपा संगठन के उस विचार को जन—जन तक पहुंचायेंगे जिनमें हर नागरिक को सेवा, संघर्ष और संकल्प के स्तर तक तैयार करना शामिल है। इसके माध्यम से यह बताया जाएगा कि राजनीति का असल मकसद सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि समाज की सेवा और अंतिम व्यक्ति तक बदलाव पहुंचान है।
भाजपा का यह ‘सेवा पखवाड़ा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हर साल मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य जनता के बीच जाकर सेवा कार्यों को बढ़ावा देना और सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाना है। ‘चलो जीतें’ रथ भी इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाएगा। यह रथ यात्रा पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच संवाद स्थापित करने का एक बड़ा माध्यम बनेगी। इसके जरिए पार्टी राज्य के हर कोने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है। यह अभियान आगामी चुनावों के लिए भी एक महत्वपूर्ण तैयारी मानी जा रही है।