दिल्ली में हाल ही में हुए युवाओं के जंतर मंतर जेन Z आंदोलन के बाद देश के तमाम राजनीतिक दलों की नजर अब इस आयु वर्ग के युवाओं पर टिक गई है। पीएम मोदी और राहुल गांधी से लेकर मोहन भागवत तक, आज हर कोई इसी आयु वर्ग की बात कर रहा है। ऐसे में नीतीश कुमार की JDU ने भी अब पार्टी को सीधे-सीधे Gen Z पर केंद्रित करने की तैयारी कर ली है। नीतीश कुमार के पुत्र और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत मानसून खत्म होने के बाद फिर से बिहार यात्रा पर निकलेंगे। निशांत की इस बिहार यात्रा के केंद्र में राज्य की Gen Z आबादी ही है। निशांत का मानना है कि 20 से 25 वर्ष के जो युवा हैं उन्होंने नीतीश कुमार के सत्ता में आने के पहले के बिहार को नहीं देखा है। यही पीढ़ी जेन जी है। उन्हें यह विस्तार से बताया जाएगा कि जेन जी के हितों के लिए नीतीश कुमार ने अपने शासनकाल में क्या-क्या किया।
युवाओं को बतायेंगे कि उनके पिता ने क्या-क्या किया
युवा जदयू के माध्यम से जेन जी को जिले-जिले में यह बात सभी दृष्टिकोण से बतानी है। एक-एक बूथ को केंद्र में रख इस बात को आगे बढ़ाने का टास्क उन्होंने जदयू की युवा इकाई को दिया है। Gen Z पर केंद्रित होने के क्रम में जदयू इस आंकड़े को युवाओं के बीच रखेगा कि जब बैंकों ने शिक्षा ऋण देने में कोताही बरतनी शुरू की तो नीतीश कुमार ने एक काॅरपोरेशन बनाकर स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की। बड़ी संख्या में विद्यार्थी इसे लाभान्वित हुए। पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियों की संख्या बढ़ाई गई। छात्रावास मे रह रहे विद्यार्थियों के लिए राशन तक का इंतजाम कराया। निशांत अपनी यात्रा के दौरान Gen Z को यह भी बतायेंगे कि नीतीश कुमार ने अपने सात निश्चय की योजनाओं के तहत युवाओं के लिए क्या-क्या किया। उनके शासन काल में नौकरियों की क्या स्थिति रही यह भी बताएंगे।
Gen Z पर केंद्रित होगी निशांत की अगली बिहार यात्रा
पार्टी कार्यालय में पहुंचे निशांत ने जेनजी को लेकर दो टूक अंदाज में कहा कि आने वाले कल के भविष्य हमारे युवा ही हैं। उनके हितों पर काम को वह आगे बढ़ाने को तत्पर हैं। युवाओं के बीच जाकर उनके साथ बड़े स्तर पर संवाद से यह मालूम हो सकेगा कि वे क्या चाहते हैं। नीतीश कुमार ने युवाओं को स्किल बनाए जाने को ले कुशल युवा योजना शुरू की थी। परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता की भी बात होगी। पार्टी फ्रंट पर निशांत की सक्रियता के साथ-साथ स्वास्थ्य महकमे में भी उनकी तेजी बढ़ी है। स्वास्थ्य मंत्री की हैसियत से वह अस्पतालों में पहुंच मरीजों और उनके स्वजनों से समस्याओं की भी बात कर रहे। दवाओं की उपलब्धता तक को देख रहे।