बिहार की नीतीश सरकार ने आज मंगलवार को विधानसभा में पेश अपने बजट में किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है।
नीतीश सरकार के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिहार का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। इसके तहत अब किसानों की किसान सम्मान निधि योजना की राशि में डेढ़ गुना बढ़ोतरी कर दी गई है। अब बिहार के किसानों को हर साल 3000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यानी उन्हें अब केंद्र सरकार से मिलने वाले सालाना 6000 रुपयों के अलावा राज्य सरकार की तरफ से कर्पूरी सम्मान योजना के तहत 3 हजार रुपए और मिलेंगे। यानी अब बिहार के किसानों को सम्मान निधि के तौर पर कुल 9 हजार रुपए सालाना दिये जायेंगे।
किसानों के लिए चौथा कृषि रोडमैप
इसके अलावा आज पेश बिहार बजट में किसानों के लिए चौथे कृषि रोडमैप को जारी रखने की घोषणा भी की गई है। इस योजना के तहत कृषि उत्पादन, सिंचाई, भंडारण और बाजार तक पहुंच में सुधार किया जाएगा। स्थानीय बाजारों (हाट) को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा बजट में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित करने के लिए एक रोडमैप पेश किया गया है। सरकार का दावा है कि औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 50 लाख करोड़ के निजी निवेश के अवसरों की तलाश की जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए नौकरियां पैदा होंगी। साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 94 लाख गरीब परिवारों को सशक्त बनाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक क्षेत्र में खर्च बढ़ाया गया है। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को भी काफी प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने पांच नए एक्सप्रेसवे बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसके साथ ही, शहरी गरीबों के लिए किफायती आवास, सड़कों, परिवहन और कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं को तेज करने की योजना है
महिलाओं और युवाओं के लिए भी बहुत कुछ
आज विधानसभा में भोजनावकाश के बाद वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 3,47,589.76 करोड़ रुपए का सालाना बजट पेश किया। यह बजट पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 3.17 लाख करोड़ रुपये के बजट से काफी बड़ा है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट मुख्यमंत्री के ज्ञान, ईमानदारी, विज्ञान, महत्वाकांक्षा और सम्मान के मूल सिद्धांतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया और यह विकसित बिहार की ओर एक मजबूत कदम है, जिसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीब परिवारों पर खास ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सात निश्चय-3 के संकल्प के साथ बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बिहार की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और आने वाले साल में राज्य की आर्थिक विकास दर 14.9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। बजट में महिला सशक्तिकरण को प्रमुख स्थान दिया गया है। सरकार के अनुसार, अब तक 1.56 करोड़ महिलाओं को उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ मिला है। इसमें महिलाओं को ₹10,000 की वित्तीय सहायता देना शामिल है। बजट में आने वाले सालों में महिलाओं की उद्यमिता, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत करने का संकेत दिया गया है।