– ब्रिटिश लिंगुआ के प्रशिक्षुओं से संवाद में लंदन के रोबोटिक एवं कोलोरेक्टल सर्जन ने आत्मविश्वास और प्रभावी संवाद पर दिया जोर
पटना : बिहार के युवाओं में राज्य के भविष्य को नई दिशा देने की प्रतिभा और ऊर्जा है। जरूरत है कि वे अपनी क्षमता को आत्मविश्वास, दक्षता और रचनात्मक कार्य में बदलें। यह बात लंदन के रोबोटिक एवं कोलोरेक्टल सर्जन डॉ. बिपिन झा ने पटना स्थित ब्रिटिश लिंगुआ के प्रशिक्षुओं के साथ संवाद के दौरान कही। बिहार में रोबोटिक सर्जरी को बढ़ावा देने के मिशन पर काम कर रहे डॉ. झा ने कहा, “बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत प्रतिभा को आत्मविश्वास, आत्मविश्वास को दक्षता और दक्षता को सार्थक योगदान में बदलने की है। युवाओं को बिहार के विकास का सहभागी बनना होगा।”
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में प्रभावी संवाद एक महत्वपूर्ण पेशेवर कौशल बन चुका है। “संवाद केवल अंग्रेजी बोलना नहीं है। यह विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने, ध्यानपूर्वक सुनने तथा आत्मविश्वास और शिष्टता के साथ लोगों से जुड़ने की क्षमता है,” उन्होंने कहा। डॉ. झा ने ब्रिटिश लिंगुआ के प्रशिक्षुओं की क्षमता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने उनकी सक्रिय भागीदारी और शब्दों के चयन के प्रति सजगता को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया।
उन्होंने कहा, “वे केवल सुन नहीं रहे थे, बल्कि सोच रहे थे, अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे और स्वयं को बेहतर ढंग से अभिव्यक्त करने का प्रयास कर रहे थे। सीखने की यह जिज्ञासा किसी भी विद्यार्थी की बड़ी ताकत है।” डॉ. झा ने प्रशिक्षुओं के व्यवहार, शिष्टाचार और समग्र व्यक्तित्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व केवल बोलने से नहीं, बल्कि सुनने, प्रतिक्रिया देने और दूसरों के साथ व्यवहार करने के तरीके से भी प्रकट होता है।
संवाद के दौरान प्रशिक्षुओं को अंतरराष्ट्रीय पेशेवर परिवेश और निरंतर सीखने के महत्व को समझने का अवसर मिला। प्रसिद्ध लेखक एवं ब्रिटिश लिंगुआ के प्रबंध निदेशक डॉ. बीरबल झा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर डॉ. बिपिन झा का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन में उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद युवाओं के दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं और उन्हें बेहतर अवसरों के लिए स्वयं को तैयार करने की प्रेरणा देते हैं।
