एक तरफ जहां आज मंगलवार को शाहपुर के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की तेरहवीं की रस्म अदा की गई, वहीं आज ही गांव में उनकी याद में बन रहे स्मारक के निर्माण पर पुलिस ने रोक लगा दी है। दरअसल, भरत तिवारी का जहां एनकाउंटर हुआ था, वहीं पर गांव वाले स्मारक बनाने जा रहे थे। परंतु जैसे ही इसकी सूचना पुलिस प्रशासन तक पहुंची, निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया गया। पुलिस और प्रशासन के इस कदम से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने घटना स्थल पर भरत भूषण तिवारी की स्मृति में एक स्मारक बनाने का निर्णय लिया था। निर्माण की तैयारी चल रही थी, इसी बीच सीओ आनंद प्रकाश मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रोक दिया।
सरकारी भूमि बताकर रोका
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि अंचल अधिकारी ने यह कहते हुए स्मारक निर्माण पर रोक लगाई कि जिस भूमि का चयन किया गया है, वह सरकारी भूमि है। ऐसे में वहां किसी भी निर्माण के लिए जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति या अनापत्ति प्रमाण-पत्र आवश्यक है, जो इस मामले में प्राप्त नहीं किया गया है। प्रशासन की अनुमति के बिना सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का स्थायी निर्माण नहीं किया जा सकता।
इधर भरत भूषण तिवारी के बड़े भाई सहित परिजनों ने कहा कि ग्रामीण केवल भरत तिवारी के स्मृति में एक स्मारक बनाना चाहते थे। उन्होंने मांग की है कि यदि चयनित भूमि पर निर्माण संभव नहीं है तो प्रशासन स्मारक निर्माण के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए, जिससे लोगों की भावनाओं का सम्मान हो सके। वहीं स्मारक निर्माण पर रोक लगाए जाने की सूचना फैलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। कुछ लोगों ने प्रशासन के फैसले पर असहमति जताई, जबकि कई ग्रामीणों ने कहा कि वे इस संबंध में जिला प्रशासन से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। हालांकि इस दौरान वहां स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।