बाढ़ : प्राचीन अनुमंडल क्षेत्र के गुलाबबाग इलाके में स्थित कृषि बाजार समिति, जिसे वर्षों पहले किसानों और कृषि व्यापारियों के बीच व्यापारिक समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से बनाया गया था, आज अपनी जर्जर हालत के कारण किसानों और व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। पूर्व में कई एसडीओ ने निरीक्षण कर इसके निर्माण कराने का भरोसा दिया, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
कृषि बाजार समिति में किसानों और व्यापारियों के बीच समन्वय बनाने वाले युवा कृषक बबलू यादव ने बताया कि भीषण बारिश, ठंड और गर्मी के दिनों में किसानों और कृषि व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किसानों को खेतों में कठिन परिश्रम से उगाई गई हरी-ताजी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए बाजार समिति में काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है, वहीं व्यापारियों को किसानों से खरीदी गई सब्जियों व अन्य फसलों के रख-रखाव में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कृषि बाजार समिति का भवन जर्जर होने के कारण सब्जियों सहित अन्य ताजी फसलें ठंड, गर्मी और बारिश के प्रभाव से जल्दी खराब हो जाती हैं, जिससे किसानों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सबसे पुराने इस बाजार समिति परिसर में किसानों, व्यापारियों तथा स्थानीय खरीदारों के लिए सर्दी, गर्मी और बरसात के समय सिर छिपाने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे सभी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौके पर मौजूद मो. इस्लाम, प्रदीप कुमार, शिवराज कुमार, धीरज कुमार, मो. राजा, धनधन यादव, विशाल कुमार, संजीत यादव और सोनू कुमार सहित दर्जनों लोगों ने मीडिया कर्मियों को अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि बाढ़ अनुमंडल के पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी के. के. पाठक, सुव्रत कुमार सेन और शुभम कुमार ने वर्षों पहले कृषि उत्पादन बाजार समिति का निरीक्षण कर इसके निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक गुलाबबाग–शहरी रोड के बीच स्थित इस बाजार समिति के भवन और छत का निर्माण नहीं कराया गया। इसके कारण वर्षों पहले बने दीवार और ऊपर के शेड भी जर्जर होकर गिरने की स्थिति में पहुंच गए हैं, जो चिंता का विषय है।
लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों के तहत राज्य के अधिकांश कृषि बाजार समितियों के भवन और दुकानों का निर्माण कराया गया है, लेकिन बाढ़ अनुमंडल की सबसे पुरानी कृषि बाजार समिति के भवन और दुकानों का निर्माण अब तक नहीं होने से यहां के किसानों और व्यापारियों में सरकार के प्रति काफी क्षोभ और आक्रोश है।
किसानों और व्यापारियों ने यह भी बताया कि बरसात के दिनों में बाजार समिति परिसर में पानी जमा हो जाने के कारण फसलों को भारी नुकसान होता है, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। मौके पर मौजूद दर्जनों किसानों और व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि कृषि बाजार समिति परिसर में मिट्टी भराई कराकर जलजमाव की समस्या दूर की जाए तथा भवन और दुकानों का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि किसानों और व्यापारियों को राहत मिल सके।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट