अरवल – गांधी जयंती के अवसर पर अरवल में संविधान और लोकतंत्र को कुचलने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी को लेकर विरोध मार्च निकला गया। इंडिया गठबंधन के सभी दलों ने गांधी पुस्तकालय में प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शहर के विभिन्न रास्ते होते हुए प्रखंड परिसर पहुंची और सभा में तब्दील हो गई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के पूर्व विधायक महानंद सिंह ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त एस आई आर के जरिय वोट चोरी कर लोकतंत्र की हत्या की हैं। देश की आजादी के बाद संविधान में सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार मिला है। भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त संविधान को ताख पर रखकर आम नागरिकों की वोट काट रही है।
उन्होंने कहा कि देश में भाजपा और आरएसएस आम नागरिकों की चुनाव आयुक्त के जरिए वोट काटकर सत्ता में बैठे रहना चाहती है। जिस तरह से 2023 में विपक्ष की सांसदों की सदस्यता निलंबन कर मुख्य चुनाव आयुक्त पर केश नहीं करने का कानून पास कर दिया और इस कानून के जरिए ज्ञानेश कुमार देश की जनता और विपक्ष की पार्टी को बर्बाद करने में लगी है। एस आई आर में वोट को काटने का काम किया गया है। और भाजपा सरकार को फायदा पहुंचाने में है। संविधान के अनुसार चुनाव आयोग के तीन सदस्यों के राय से चुनाव का कोई भी कार्य होता है। लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो सदस्यों के असहमति जताते हुए भी अपना काम करते गए ।
विपक्षी पार्टियां 2025 से ही चुनाव आयोग के द्वारा एस आई आर के जरिय वोट चोरी कर भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक के फरियाद लगा रही है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी मोदी-शाह के सामने घुटने टेक दिया। लेकिन जब 23 सितंबर को इंडियन एक्सप्रेस में खबरों से पूरे देश में वोट चोर मोदी और ज्ञानेश कुमार की पोल खुल गई है। आज पूरे देश में छात्र नौजवान लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए सड़क पर उतर गए है।चारों तरफ आंदोलन चल रही है। सभा को सीपीआई के सुशील कुमार, सीपीएम के विजय यादव,उमेश ठाकुर,पंकज सिंह, कांग्रेस के मो. कैफ, आइसा के नितीश कुमार, आर वाई ए के शाह शाद ने संबोधित किया।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट
