अरवल – उप विकास आयुक्त, अरवल शैलेश कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर में जिला उपभोक्ता परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री एवं अन्य वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान उपभोक्ता हित में कई आवश्यक निर्णय लिए गए तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके तहत खाद्य सामग्री एवं दवा दुकानों की नियमित जांच के निर्देश दिया गया।

सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, अरवल को निर्देश दिया गया कि अगली बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर एवं फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाए। साथ ही उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच तथा दवा दुकानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित कराया जाए।जिला शिक्षा पदाधिकारी, अरवल को निर्देशित किया गया कि जिले में संचालित छात्रावासों, विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में उपभोक्ताओं के हित एवं अधिकारों से संबंधित व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि विद्यार्थी एवं आम नागरिक अपने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति सजग हो सकें।
माप-तौल पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि उपभोक्ताओं के हित में जहां भी माप-तौल का कार्य किया जाता है, वहां समय-समय पर उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से जन वितरण प्रणाली के विक्रेताओं एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जाने वाले माप-तौल उपकरणों की जांच पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों द्वारा डिजिटल भुगतान में धोखाधड़ी, साइबर ठगी, नकली एवं मिलावटी सामान, सोना-चांदी की खरीद में धोखाधड़ी, बिना मानक वाले सामान की बिक्री, बीमा कंपनियों द्वारा भुगतान में विलंब, बिजली बिल में गड़बड़ी तथा अस्पतालों में लापरवाही जैसी उपभोक्ता समस्याओं पर चर्चा की गई।
इन समस्याओं से उपभोक्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत उपलब्ध प्रावधानों एवं अधिकारों के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता फैलाने पर बल दिया गया। जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद, अरवल के नव चयनित सदस्यों को निर्देश दिया गया कि वे अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक में सुनिश्चित करें। साथ ही उपभोक्ता हितों से संबंधित मामलों के शीघ्र निष्पादन की दिशा में प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका नियमानुसार त्वरित समाधान सुनिश्चित करें तथा बाजार में मिलावट, गलत माप-तौल एवं अन्य उपभोक्ता हित विरोधी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए।
उन्होंने आम उपभोक्ताओं से भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी अथवा अनियमितता की स्थिति में सक्षम प्राधिकार के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की अपील की। बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं जिला उपभोक्ता परिषद के सदस्य उपस्थित रहे।

देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट
