अरवल – भाकपा माले व खेग्रामस की संयुक्त बैठक करपी पार्टी प्रखंड कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में पार्टी के जिला सचिव, खेग्रामस के राज्य उपाध्यक्ष उपेन्द्र पासवान ,प्रखंड सचिव मिथलेश यादव,जिला कमिटी सदस्य मधेश्वर प्रसाद,देवमंदिर सिंह सहित प्रखंड स्तरीय कार्यकर्ता उपस्थित हुए। बैठक को संबोधित करते हुए जिला सचिव जितेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा को समाप्त कर दिया और उसके जगह जीरामजी कानून का झुनझुना थमा दिया। इस कानून के तहत कही भी गरीबों को काम नहीं दिया गया है ।जिसके कारण गांवों में रोजी रोटी का बड़ा संकट है।ऊपर से राशन कार्ड में भारी कटौती की जा रही है। कई महीने से वृद्धों,विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन नहीं मिली है।
भाजपा की सरकार ने दलित गरीबों पर बुलडोजर हमला शुरू कर दिया है हजारों घरों को ढाह दिया गया है और लाखों परिवारों को उजाड़ने की योजना के तहत यह सरकार काम कर रही है। जो लोग जहां दशकों से बसे हुए हैं उन्हें बासगीत पर्चा देने अथवा भूमिहीन के लिए पंचायत में आवासीय कॉलोनी बनाने के बदले सरकार गरीबों को उजाड़ कर तमाम जमीन अपने कब्जे में लेकर पूंजी पतियों को देना चाहती है। सरकार भूमि हड़पो अभियान चला रही है। 60 और 70 के दशक में दलित, गरीबों और किसानों के प्रचंड आंदोलन से वंचितो के भूमि अधिकार का जो एजेंडा सामने आया था, उसे भाजपा सरकार ने उलट दिया है।
पुरानी सामंती ताकतों और दबंग भू- माफियाओं का संरक्षण मिला है और कॉर्पोरेट जमींदारी खड़ी की जा रही है। सरकार की नजर में दलित गरीब मजदूर और महिलाएं को कुछ अनाज और पैसे के जरिए ठगा जा रहा है। उनके समान जनक जिंदगी के अधिकार, वास-आवास का अधिकार, शिक्षा- रोजगार का अधिकार और जीने लायक मजदूरी अपने का अधिकार को दबाया जा रहा है।हमे गरीब मजदूरों को संगठित करने की जरूरत है।और सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की जरूरत है।
बैठक में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए जीराम जी कानून के तहत काम दो, काम का उचित दाम दो। बुलडोजर राज के खिलाफ बस आवास बचाने के संघर्ष को तेज करो। राशन कार्ड, पेंशन, प्रवासी मजदूरों के सुरक्षा, समान और गरीबों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारो को लेकर 30 जून 2026 को करपी प्रखंड मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।खजुरी पंचायत में वर्षों से सैकड़ों गरीब मजदूर बसे हुए है।और जीवन यापन के लिए खेती करते है।लेकिन आज भाजपा की सरकार के संरक्षण भू माफिया मनोज सिंह एवं संजय सिंह ने गरीबों का आशियाना उजाड़ने में लगा है। जिसे गरीबों को एकजुट होकर भू माफियाओं के खिलाफ आंदोलन करने की जरूरत है। गरीब मजदूर को संगठित करने के लिए अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा ने सदस्यता चलाने की आह्वान की है।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट