अरवल -डॉ. आशिमा जैन, अपर सदस्य, राजस्व पर्षद, बिहार सरकार-सह-प्रभारी सचिव, अरवल की अध्यक्षता में समाहरणालय समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में संभावित प्राकृतिक आपदाओं, विशेषकर बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु तैयारियों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक के प्रारंभ में सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी गीतांजलि द्वारा पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण (PPT) के माध्यम से अरवल जिला में आपदा प्रबंधन के तहत की गई पूर्व तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों तथा संभावित आपदाओं से निपटने की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रभारी सचिव को दी गई। इसके उपरांत संबंधित विभागों द्वारा अपने-अपने स्तर पर की गई तैयारियों की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने जिले में वर्षा की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में स्थापित वर्षामापी यंत्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करें तथा प्राप्त वर्षा आंकड़ों की निरंतर निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि मौसम एवं वर्षा संबंधी आंकड़ों का नियमित विश्लेषण संभावित आपदाओं की पूर्व तैयारी में अत्यंत महत्वपूर्ण है। संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ जैसी आपदाओं से निपटने हेतु तैयारियों की प्रभारी सचिव ने सभी प्रखंडों के लिए नामित जिला स्तरीय वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित अंतराल पर अपने संबंधित प्रखंडों में आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों की समीक्षा करें तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने विशेष रूप से नदी किनारे एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की पहचान कर संवेदनशील वर्गों, जैसे गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, छोटे बच्चों, दिव्यांगजनों, वृद्धजनों एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में बताया गया कि अरवल जिला में वर्तमान में 2570 पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं, जिन्हें विभिन्न प्रखंडों में सुरक्षित रखा गया है। इस पर प्रभारी सचिव ने सभी वरीय पदाधिकारियों को टीम गठित कर पॉलीथिन शीटों के भंडारण, उपलब्धता एवं गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया।
साथ ही उन्होंने लाइफ जैकेट, नावों, गोताखोरों एवं अन्य आपदा राहत संसाधनों की उपलब्धता, गुणवत्ता तथा उनकी कार्यशीलता की भी जांच एवं सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), लघु जल संसाधन विभाग, जल संसाधन विभाग, समाज कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग तथा अग्निशमन विभाग द्वारा बाढ़ एवं सुखाड़ जैसी संभावित आपदाओं से निपटने हेतु की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने स्तर पर की गई तैयारियों का पुनः सत्यापन कर अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं एवं चिकित्सा सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा जिन दवाओं की उपलब्धता नहीं है, उनके लिए अग्रिम व्यवस्था की जाए, ताकि आपदा की स्थिति में आमजन को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं निर्देशों के लिए उनका आभार व्यक्त किया तथा आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए पूर्णतः सजग एवं प्रतिबद्ध है तथा सभी विभागों के समन्वित प्रयास से आमजन की सुरक्षा एवं राहत सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में जिला पदाधिकारी अरवल अमृषा बैंस, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट