अरवल -वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में समाहरणालय स्थित सभा कक्ष, अरवल में एक भव्य सामूहिक गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, अरवल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। जिला पदाधिकारी अरवल अमृषा बैंस के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार द्वारा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत रूप से किया गया, जिससे पूरे सभाकक्ष में राष्ट्रभक्ति एवं गरिमा का वातावरण व्याप्त हो गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, (आपदा प्रबंधन), भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी विनोद कुमार, सिविल सर्जन, कला संस्कृति पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मीगण उपस्थित रहे। साथ ही प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन किया गया। इस सामूहिक प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित सभी लोगों ने ‘वंदे मातरम के प्रति अपनी श्रद्धा, सम्मान एवं राष्ट्रप्रेम का भाव व्यक्त किया। अपने संबोधन में उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार ने कहा कि ‘वंदे मातरम” हमारी राष्ट्रीय चेतना, एकता और स्वतंत्रता संग्राम की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि इस गीत ने देशवासियों को सदैव एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है तथा हमें इसके संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा ‘वंदे मातरम के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सामूहिक रूप से संकल्प लिया गया। यह आयोजन न केवल ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, एकता एवं सांस्कृतिक गौरव की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट