नवादा : जिले में सांसद सुधाकर सिंह को हिरासत में लिए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए बिहार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है। साथ ही नवादा के डीएम रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमन के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। लोकसभा अध्यक्ष की इस कार्रवाई के बाद बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। चर्चा है कि जांच में अगर अधिकारियों की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। इसे सांसद के विशेषाधिकार और संसदीय मर्यादा से जुड़ा गंभीर विषय माना जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, संसद का सत्र चलने के दौरान सांसद सुधाकर सिंह को कथित तौर पर बिना एफआईआर दर्ज किए हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया था। घटना को लेकर संसदीय विशेषाधिकार और सांसद के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए गए। मामला संसद तक पहुंचने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने इसे गंभीरता से लिया। बिहार के मुख्य सचिव से इस पूरे प्रकरण पर जवाब मांगा गया है। इसके अलावा नवादा के डीएम और एसपी की भूमिका की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
इस पूरे मामले में जिलाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमन की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है। जांच के दौरान यह देखा जा सकता है कि सांसद को हिरासत में लेने की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और क्या निर्धारित कानूनी और संसदीय प्रक्रियाओं का पालन किया गया? जांच में अधिकारियों की भूमिका को लेकर किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का रास्ता भी खुल सकता है।
लोकसभा अध्यक्ष की ओर से मुख्य सचिव को नोटिस जारी किए जाने के बाद यह मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में अब इंतजार बिहार सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के जवाब का है। मामले में जांच और आधिकारिक जवाब के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
भईया जी की रिपोर्ट