नवादा : निपुण भारत मिशन के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रखंड संसाधन केंद्र, नरहट में कक्षा-3 के शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।प्रशिक्षण की शुरुआत प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शशिकांत कुमार वर्मा एवं (कैवल्य एजुकेशन फाउंडेशन) पिरामल फाउंडेशन के लीडर राहत जी एवं दिव्या शेखावत के द्वारा संयुक्त रूप से की गई। प्रशिक्षण का संचालन मास्टर ट्रेनर नवीन कुमार और ताबिश एजाज ने किया इसमें शेखपुरा, पुंथर, पुनौल, बभनौर और सैदापुर – इन पाँच पंचायतों के कुल 44 शिक्षकों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि कक्षा-3 के हिंदी में 8 तथा गणित में 14 दक्षताओं के आधार पर बच्चों का आकलन किया गया है। जिले में 50% से अधिक बच्चे दक्षता प्राप्त कर चुके हैं, जबकि नरहट प्रखंड में यह आंकड़ा केवल 37% है। इस अंतर को कम करने के लिए शिक्षण में आवश्यक बदलावों पर चर्चा की गई।
मास्टर प्रशिक्षक अदनान सर ने बताया कि प्रत्येक पाठ को उससे जुड़ी दक्षताओं के अनुरूप लक्ष्य तय कर पढ़ाया जाए तो बेहतर सुधार होगा। जैसे ‘जंगल में सभा’ पाठ से मौखिक भाषा, अभिव्यक्ति, पठन योजना और प्रवाह जैसी दक्षताओं को एक साथ विकसित किया जा सकता है। गणित में कैलेंडर और घड़ी के माध्यम से अभ्यास, खड़ी-आड़ी विधियों से जोड़-घटाव, और गणितीय संकल्पनाओं को दैनिक जीवन से जोड़कर समझाने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर बीईओ शशिकांत कुमार वर्मा ने कहा कि निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों और पाठिका के सही उपयोग से बच्चों की दक्षताओं में निश्चित सुधार होगा। अंतिम सत्र में बताया गया कि सीआरसीसी या मास्टर ट्रेनर का उद्देश्य केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि शिक्षकों को सहयोग देना और उनकी चुनौतियों को समझना है। मौके पर मास्टर प्रशिक्षक तबिश एजाज, खालिद, सरिता कुमारी, गोपाल कुमार, अनिल कुमार, कामेश्वर प्रसाद, साजिद, रवि रंजन तथा पिरामल फाउंडेशन से दिव्या शेखावत सहित सभी शिक्षक मौजूद रहे।

भईया जी की रिपोर्ट
