माता सीता की जन्मभूमि सीतामढ़ी से अयोध्या के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की रेल मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। ये ट्रेन मां सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम और भगवान राम की नगरी अयोध्या को जोड़ेगी। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ा फायदा पहुंचेगा। यह ट्रेन सीतामढ़ी जंक्शन, रक्सौल,सुगौली, नरकटियागंज, गोरखपुर होकर अयोध्या धाम तक चलाने का प्रस्ताव है। नई वंदे भारत 435 किमी का सफर करीब साढ़े 6 से 7 घंटे में पूरा करेगी। विदित हो कि इस ट्रेन को चलाने के लिए सबसे पहले बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। इसके बाद जदयू सांसद संजय झा ने रेल मंत्री यह ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दिया जिसपर मंत्रालय ने इसको मंजूरी दे दी।

जानकारी के अनुसार सीतामढ़ी में भव्य जानकी मंदिर के उद्घाटन और प्राण-प्रतिष्ठा के मौके पर इस नई वंदे भारत ट्रेन को शुरू किये जाने का प्लान है। रेल मंत्रालय ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए अफसरों को इसका व्यावहारिक अध्ययन करने को कहा है। अभी सीतामढ़ी से अयोध्या की दूरी तय करने में सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों को 9 से 14 घंटे लगते हैं। लेकन इस नई वंदे भारत ट्रेन के शुरू होने के बाद ये यात्रा 6 से 7 घंटे में ही पूरी हो जाएगी। अभी सीतामढ़ी और अयोध्या के बीच मुख्य ट्रेनों में अमृत भारत एक्सप्रेस और सद्भावना एक्सप्रेस है। सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड जल्द ही इस नई वंदे भारत ट्रेन का टाइमटेबल, ट्रेन नंबर और रेल किराये की जानकारी देगा।
यह भी बताया गया कि अभी यूपी-बिहार के बीच तीन वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रहीं हैं। इनमें पटना-लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस सोमवार को छोड़कर हफ्ते में 6 दिन चलती है। इसके बाद दूसरी ट्रेन पटना-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस है जो पटना के पाटलिपुत्र जंक्शन को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर से जोड़ती है। यह ट्रेन 384 किमी की दूरी लगभग 7 घंटे में तय करती है और हफ्ते में 6 दिन चलती है। इसके अलावा यूपी—बिहार को कनेक्ट करने वाली तीसरी ट्रेन देवघर से वाराणसी तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस है। यह झारखंड के देवघर से खुलकर बिहार के जमुई, क्युल, मोकामा, पटना, आरा और बक्सर स्टेशनों पर रुकते हुए काशी विश्वनाथ धाम वाराणसी तक जाती है।
