नवादा : जिले में लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर नगर समेत गांवों में उत्साह दिखने लगा है। कार्तिक महीने की शुरुआत के साथ ही घरों में पर्व की तैयारियां तेज हो गई हैं। कहीं महिलाएं पूजा के लिए गेहूं और चावल को धोकर सुखा रही हैं, तो कहीं छठ का महाप्रसाद बनाने के लिए गाय के गोबर से गोइठे तैयार किए जा रहे हैं। सुबह और शाम गलियों में छठी मइया के पारंपरिक गीत सुनाई देने लगे हैं।
‘केलवा जे फरेले घवद से…’ और ‘छठी मइया बरत तोहार…’ जैसे लोकगीतों से गांवों का माहौल भक्तिमय हो गया है। व्रतधारी महिलाओं के साथ परिवार के अन्य सदस्य भी साफ-सफाई और पूजा की तैयारियों में जुट गए हैं।
घरों में शुद्धता का रखा जा रहा विशेष ध्यान
छठ पर्व में शुद्धता का विशेष महत्व होता है। यही वजह है कि कार्तिक महीने की शुरुआत से ही व्रत करने वाले परिवारों में खानपान और साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जा रहा है। घरों में मांसाहार, लहसुन और प्याज का सेवन बंद कर दिया गया है। परंपरा पूरे कार्तिक महीने तक निभाई जाती है।
महिलाएं सुबह-शाम स्नान करने के बाद दीप जलाकर भगवान भास्कर और छठी मइया की आराधना कर रही हैं। पूजा में इस्तेमाल होने वाले गेहूं, चावल और दाल को धोकर साफ जगह पर सुखाया जा रहा है, ताकि प्रसाद बनाने में किसी तरह की अशुद्धता न रहे।
गोइठे पर तैयार होगा छठ का महाप्रसाद
छठ पूजा के लिए गाय के गोबर से बने उपले यानी गोइठे तैयार किए जा रहे हैं। परंपरा के अनुसार, कई घरों में इसी गोइठे पर छठ का महाप्रसाद बनाया जाता है। इसके लिए महिलाएं पहले से ही गोइठे बनाकर सुखाने में लगी हैं। पर्व नजदीक आने के साथ घरों में पूजा से जुड़ी तैयारियां और तेज होने की उम्मीद है।
घाटों की सफाई में जुटे समिति के सदस्य
घरों के साथ-साथ छठ घाटों पर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रशासन और स्थानीय छठ पूजा समितियों की ओर से तालाबों, पोखरों और नदी घाटों की सफाई कराई जा रही है। जिले के विभिन्न घाटों पर समिति के सदस्य श्रमदान कर साफ-सफाई में जुटे हैं। घाटों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने का काम किया जा रहा है।
13 से 16 नवंबर तक होगा छठ महापर्व
इस वर्ष चार दिवसीय छठ महापर्व 13 नवंबर से शुरू होगा। पर्व का कार्यक्रम इस प्रकार है।
13 नवंबर, शुक्रवार:- नहाय-खाय.
14 नवंबर, शनिवार:- खरना.
15 नवंबर, रविवार:- डूबते सूर्य को संध्याकालीन अर्घ्य.
16 नवंबर, सोमवार: -उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ महापर्व का समापन।
छठ सामग्री की खरीदारी से गुलजार बाजार
पर्व को लेकर जिले के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। बांस से बने सूप, दौरा और टोकरी के साथ मिट्टी के चूल्हे और पूजा सामग्री की दुकानें सज गई हैं। खरीदारी के लिए लोग बाजार पहुंचने लगे हैं। पर्व की तैयारियों के बीच गांवों से लेकर बाजारों तक छठ का उत्साह साफ नजर आने लगा है।
भईया जी की रिपोर्ट