पटना स्नातक सीट के लिए हुए विधान परिषद चुनाव में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी का विरोध करने वाले अनंत सिंह ने अब खुलकर नीरज कुमार से अपनी अदावत पर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार उनकी एक गलती बता दें, वह उनके साथ हो जाएंगे। अनंत सिंह ने जदयू और नीरज कुमार को उनका नार्को टेस्ट कराने तक की चुनौती देते हुए कहा कि एमएलसी चुनाव के दौरान जेडीयू की बैठक के बाद ललन सिंह ने उन्हें फोन किया और कहा कि नीरज कुमार से आपका जो भी मामला है वह आप जानिए, लेकिन इस दौरान पार्टी का नाम नहीं लीजिएगा। मैंने उसके बाद एक बार भी पार्टी का नाम नहीं लिया।

भूमिहार जाति से आने वाले दोनों नेताओं के बीच अदावत काफी पुरानी है। अनंत ने कहा कि उनके कहने पर ही ललन सिंह जी और नीतीश जी ने पहली बार नीरज कुमार को एमएलसी का टिकट दिलवाया था। लेकिन चुनाव जीतने के बाद नीरज कुमार ने उन्हें पहचानने से भी इनकार कर दिया। अनंत सिंह ने बताया कि पटना स्नातक सीट के चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी की बैठक में साफ कर दिया था कि वह नीरज कुमार के लिए वोट नहीं मांगेंगे। इसके बाद अनंत ने कहा कि अगर उनकी कोई गलती बता दी जाए तो वह नीरज कुमार के साथ हो जाएंगे। जेडीयू की बैठक में मैंने दोनों ही लोगों का नार्को टेस्ट कराने की बात कही थी। इससे साफ हो जाता कि कौन झूठ बोल रहा है और कौन सच।
अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के प्रति एक बार फिर अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए कहा कि मैं जब तक जिंदा रहूंगा, नीतीश कुमार को नेता मानूंगा। नीतीश कुमार नहीं रहते तो बिहार ही नहीं रहता। बता दें कि विधान परिषद चुनाव में नीरज कुमार के विरोध को पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए जेडीयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। उनकी पत्नी नीलम देवी के खिलाफ भी पार्टी ने कार्रवाई की है और उन्हें भी जेडीयू से निष्कासित कर दिया है। जदयू से निष्कासन पर अनंत ने कहा कि उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है। उनके लिए जनता ही मालिक है। उन्होंने दावा किया कि निष्कासन के बाद जेडीयू के किसी नेता ने उन्हें फोन तक नहीं किया। सरकारी आवास के बारे में उन्होंने कहा कि वह समय से आवास खाली कर देंगे।
