नवादा : जिला मुख्यालय की जीवनरेखा मानी जाने वाली खुरी नदी में वर्षों से जमा कचरे की सफाई की कवायद धीमी पड़ती नजर आ रही है। नदी को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से इसके किनारे नये पुल के समीप कचरा निस्तारण के लिए थ्रोमल मैनेजमेंट मशीन लगायी गयी थी। नगर परिषद ने इसकी जिम्मेदारी जेरोन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी है। मशीन स्थापित होने के छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कचरा निस्तारण का काम पूरा नहीं हो पाया है। खुरी नदी में वर्षों से कचरा जमा होने के कारण पर्यावरण और शहर की स्वच्छता पर असर पड़ रहा है।

समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद की ओर से नदी किनारे मशीन स्थापित कर कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की व्यवस्था की गयी। लेकिन, कई महीने बीत जाने के बाद भी नदी किनारे जमा कचरे का निस्तारण पूरा नहीं हुआ है। इससे नदी की सफाई को लेकर किये जा रहे प्रयासों की रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं। जेरोन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के ऑपरेशन मैनेजर अनुशील कुमार ने बताया कि मशीन को तकनीकी रूप से सेट कर कचरे की सफाई की जा रही है। इस प्रक्रिया में निकलने वाले जैविक अपशिष्ट से खाद तैयार की जा रही है, जिसका इस्तेमाल खेती में किया जा रहा है।
थ्रोमल मैनेजमेंट मशीन के माध्यम से कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाता है। इसमें पॉलीथिन, प्लास्टिक, कागज और अन्य अपशिष्ट को अलग किया जाता है, जिससे रीसाइक्लिंग को भी बढ़ावा मिलता है। नगर परिषद अध्यक्ष पिंकी कुमारी ने कहा कि खुरी नदी की सफाई नगर परिषद की प्राथमिकता है। नदी में जमा कचरा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ शहर की छवि को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी को सही तरीके से काम करने के निर्देश दिये जा रहे हैं।
भईया जी की रिपोर्ट

