नवादा : गया जी जिले में अंतरराज्यीय वाहन लूट गिरोह के छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से एक कार, 59 हजार रुपये नकद और सात मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं। पुलिस ने वारदात में रेकी के लिए इस्तेमाल किये गये वाहन को जब्त किया है। नीमचक बथानी के डीएसपी सुरेंद्र सिंह और अतरी थानाध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने पटना जंक्शन से राजगीर जाने के लिए ऑनलाइन कार बुक की थी।

इसके बाद वाहन को करीब 12 किलोमीटर दूर अपने घर बताकर ले गये। सेवतर तीनमुहानी जोता मोड़ के पास आरोपितों ने कार का जीपीएस तोड़ दिया और चालक से कार, मोबाइल व नकदी छीन ली। इसके बाद चालक को अलकतरा फैक्ट्री के पास धकेलकर आरोपित फरार हो गये। इस मामले में पटना जिले के डेहपर निवासी राहुल कुमार ने अतरी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच शुरू की गयी।
पुलिस की तकनीकी टीम ने पटना से राजगीर जाने वाले रास्ते में खुसरूपुर, सिलाव सहित अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। सिलाव के एक पेट्रोल पंप पर अर्टिगा कार में ईंधन भराने और अमन ढाबा के पास आरोपितों के सिगरेट पीने के फुटेज से उनकी पहचान करने में मदद मिली। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सेल से मिली सूचना के आधार पर पटना जिले के खुसरूपुर थाना क्षेत्र के फुलवरिया से अमित कुमार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पांच अन्य आरोपितों को भी पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सूरज कुमार निवासी फुलवरिया, अभिज्ञान प्रकाश निवासी शास्त्री नगर पटना, श्याम बिहारी कुमार निवासी भुतौली मालपा, चौथम, खगड़िया, रितेश कुमार निवासी महुली सिसवां नगर थाना, नवादा और शिवम कुमार निवासी चरौल, रुपौ, नवादा के रूप में हुई है। पुलिस की जांच में पता चला कि लूटी गयी कार को मुजफ्फरपुर में बेच दिया गया था। पुलिस ने रेकी में इस्तेमाल वाहन के साथ वारदात के दौरान पहने गये कपड़े और चप्पल भी बरामद किये हैं। जांच के अनुसार, कार बेचने से मिली राशि से श्याम बिहारी कुमार ने रेकी में इस्तेमाल वाहन की किस्त जमा की थी। पुलिस को इस संबंध में साक्ष्य मिले हैं।

डीएसपी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क पूरे बिहार में फैला हुआ है। लूटी गयी कार की बरामदगी के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस से सहयोग मांगा गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से वाहन चालक को निशाना बनाने और फिर कार बेचने के मामले में पुलिस गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
भईया जी की रिपोर्ट

