तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में पिछले दिनों हुए गंगा नाव हादसे के शिकार 13 मासूमों के दशकर्म के दिन गांव में हिंसक झड़प हो गई। यहां दशकर्म आयोजन में पहुंचे जन सुराज संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर की मौजूदगी में बीजेपी नेता गगन राय और जेडीयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव के बीच झड़प तथा मारपीट हो गई। घटना में जेडीयू नेता अजीत यादव घायल हो गए। इस हिंसक झड़प के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया जिसके बाद वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस झड़प के बाद प्रशांत किशोर करीब 10 मिनट तक ही गांव में रुके और फिर वहां से निकल गए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के भी दशकर्म में राघोपुर पहुंचने की बात कही गई लेकिन उनका दौरा रद्द हो गया।

मातम के बीच भिड़े जेडीयू और बीजेपी नेता
दरअसल राघोपुर में नाव हादसे में 13 मासूम बच्चों की मौत के बाद बीते दिन उनके दशकर्म के मौके पर शोक जताने और पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए प्रशांत किशोर पहुंचे थे। इसी दौरान बीजेपी नेता गगन राय और जेडीयू नेता अजीत यादव के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस घटना में जेडीयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। वहीं, प्रशांत किशोर कुछ ही देर में वहां से रवाना हो गए।
घटना को लेकर घायल जेडीयू नेता अजीत यादव ने भी अपनी बात रखी है। उधर नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के मामले में प्रशांत किशोर ने एक बार फिर हादसे की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह घटना पहली नजर में महज दुर्घटना नहीं लगती। बल्कि इसमें कहीं न कहीं लापरवाही की आशंका है। हालांकि दोषी कौन है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की बात कही।
प्रशांत किशोर ने कहा कि हादसे में अगर सरकार या प्रशासनिक व्यवस्था की लापरवाही सामने आती है, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच से ज्यादा जरूरी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। वहीं जेडीयू से अनंत सिंह को निष्कासित किए जाने पर प्रशांत किशोर ने कहा कि यह जेडीयू का आंतरिक मामला है। पार्टी किसे रखती है और किसे निष्कासित करती है, इसका जवाब जेडीयू के नेता ही दे सकते हैं।
