नवादा : जिले के वारिसलीगंज प्रखंड के कुटरी गांव में नाट्य कला परिषद की 77वीं वर्षगांठ और मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर शुक्रवार को अंतरराज्यीय कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा और झारखंड सहित बिहार के गया, शेखपुरा, नालंदा, पटना और नवादा के 80 से अधिक पहलवानों ने हिस्सा लिया। पहलवानों ने अपने दांव-पेच से दर्शकों को रोमांचित किया।

नाट्य कला परिषद कुटरी के सौजन्य से आयोजित प्रतियोगिता को ए, बी, सी और डी, चार ग्रुप में बांटा गया था। अंतिम दौर के मुकाबले काफी संघर्षपूर्ण रहे। हजारों दर्शक करीब पांच घंटे तक दंगल का आनंद लेते रहे। ग्रुप ए में हरियाणा के शीतल पहलवान ने अपने ही राज्य के पुनीत पहलवान को पटखनी देकर जीत हासिल की। ग्रुप बी में दिल्ली के अमित पहलवान ने हरियाणा के कचना निवासी हीरालाल को पछाड़ दिया। ग्रुप सी में वारिसलीगंज के कोल्हाबिगहा गांव के राकेश पहलवान ने अपने ही गांव के दिलेर को चित किया।
वहीं, ग्रुप डी के महिला मुकाबले में हरियाणा की पिंकी ने कानपुर की आयुषी को पटकनी देकर विजेता का खिताब हासिल किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। ग्रुप ए के विजेता को 30 हजार रुपये और उपविजेता को 11 हजार रुपये दिए गए. ग्रुप बी के विजेता को 15 हजार रुपये और उपविजेता को 7,500 रुपये मिले। ग्रुप सी के विजेता को 11 हजार रुपये और उपविजेता को 5,100 रुपये दिए गए, वहीं, ग्रुप डी के विजेता को 11 हजार रुपये और उपविजेता को 5,100 रुपये का पुरस्कार दिया गया।
दंगल में उमाशंकर, अजीत कुमार, मनोज सिंह, गुलशन कुमार और बहादुर सिंह ने निर्णायक की भूमिका निभाई। मुकाबलों के दौरान निर्णायकों को कई बार महत्वपूर्ण फैसले लेने पड़े। राजीव पाठक ने स्कोरर की जिम्मेदारी संभाली, जबकि पंकज पाठक और सोनू सिंह ने मुकाबलों का आंखों देखा हाल सुनाकर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।

पुरस्कार वितरण समारोह में जिला पार्षद सह ग्रामीण अंजनी कुमार, बीडीओ नीतीश पाठक, रामबालक सिंह, परिषद के अध्यक्ष गौरव कुमार, सचिव उत्तम कुमार, पत्रकार उमाशंकर पाठक और स्थानीय थाना के अधिकारियों सहित कई प्रबुद्ध लोग शामिल हुए। मौके पर जिला पार्षद अंजनी कुमार ने कहा कि खेल से आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भावना मजबूत होती है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पहलवानों को बधाई देते हुए कहा कि वे आगे भी कुटरी आते रहें और अपने गांव के साथ देश का नाम रोशन करें।
भईया जी की रिपोर्ट

