पटना में पीके की पार्टी जन सुराज के बिहार अध्यक्ष मनोज भारती के साथ एक कार वेंडर द्वारा बदसलूकी और मारपीट की खबर है। इस सारे वाकये को बयां करता मनोज भारती का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कार का बकाया किराया न मिलने से भड़के कार वेंडर ने पहले तो जन सुराज अध्यक्ष मनोज भारती से बकझक किया फिर उनका कॉलर पकड़ थप्पड़ चला दिया। कहा जा रहा है कि ये वीडियो करीब 15 से 20 दिन पुराना है। जानकारी के अनुसार ये पूरा मामला जन सुराज पार्टी ऑफिस में इस्तेमाल होनी वाली कार से जुड़ा है। बताया गया कि कार का करीब 2 साल का किराया बकाया था। किराया नहीं मिलने से नाराज शख्स ने मनोज भारती के साथ अभद्रता की। हालांकि घटना के दौरान वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव किया और स्थिति को किसी तरह संभाल लिया।
कार के बकाये किराये को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक जनसुराज पार्टी के कार्यालय के इस्तेमाल के लिए प्रशांत किशोर की पार्टी की तरफ से पिछले करीब दो साल से एक कार किराए पर ली गई थी। आरोप है कि कार के किराये का भुगतान नहीं होने के कारण संबंधित कार वेंडर नाराज था। इसी बात को लेकर जब वह अपना बकाया मांगने पार्टी कार्यालय पहुंचा तो वहां विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि मनोज भारती जब पार्टी कार्यालय से कार में बैठकर निकल रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उन्हें परिसर में ही घेर लिया। आरोप है कि इस दौरान उसने मनोज भारती के साथ बदसलूकी की गई। उस शख्स ने उनका कॉलर पकड़ लिया और थप्पड़ मारने की कोशिश की। यह सारा सीन देखकर मौके पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग किया तथा स्थिति को संभाला। इस वाकये के करीब 20 दिन बाद अब इस घटना का वीडियो सामने आया है। इसबीच जन सुराज पार्टी की तरफ से इस मामले में अबतक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह भी पता चला कि इस मामले को लेकर जन सुराज अध्यक्ष मनोज भारती की तरफ से पाटलिपुत्र थाने में उक्त कार वेंडर पर कार्रवाई के लिए एक आवेदन दिया गया था। पाटलिपुत्र थाने की पुलिस ने बताया कि आवेदन केवल इस वाकये की जानकारी देने के तौर पर पुलिस को दी गई थी और एक सनहा दर्ज होने की बात कही गई। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो, इसीलिए पुलिस को सूचनार्थ आवेदन दिया गया था। पुलिस ने मामले की जांच की और इसी क्रम में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। बदसलूकी करने वाले व्यक्ति ने भी माफी मांग ली थी। इसी आधार पर मामले में FIR दर्ज नहीं की गई।
