नवादा : जिले में मनरेगा में अधिकारियों की मिलीभगत से लूट सिलसिला थमने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। बहुत सारे ऐसे मामले हैं जो लोगों को पता तक नहीं चलता। वारिसलीगंज के बाद अकबरपुर में फर्जी पत्र को माध्यम बना तकरीबन छह करोड़ रुपए के भुगतान का मामला रंग दिखाने लगा है। आयुक्त ने राज्य स्तरीय तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किये जाने के बाद विभाग में हड़कंप मचा है।

जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल ने अकबरपुर मनरेगा पीओ पर दिनांक 18 मई 2026 को फर्जी पत्र को आधार बनाकर करीब छः करोड़ रुपए भुगतान का मामला उठाया था। आश्चर्य यह कि जिले से जुड़े अधिकारियों ने पत्र को सही ठहराने का हरसंभव प्रयास किया। लेकिन जब जारी पत्र से संबंधित दस्तावेज की प्रमाणित प्रति की मांग मुख्यालय से की गयी तो की गयी तो सारे की घिघ्घी बंद हो गयी। आखिरकार मनरेगा आयुक्त अंजनी कुमार ने उक्त मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। अब जब कमेटी गठन की सूचना जिले के अधिकारियों को मिली तो विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें वर्तमान अकबरपुर पीओ के कार्यकाल में व्यापक पैमाने पर बगैर कार्य कराये राशि भुगतान किया गया है। वकसंडा पंचायत में तो दर्जनों बगैर तालाब की खुदाई कराये भुगतान का मामला अखबारों व सोशल मीडिया की सुर्खियों में रहने के बावजूद जिले के अधिकारियों द्वारा बगैर जांच क्लीन चिट दे दिया जाता रहा। कब जब छह करोड़ रुपए फर्जी भुगतान का मामला सामने आया है तो गले की फांस बननी लगभग तय मानी जा रही है। अब जांच व कार्रवाई का इंतजार हर किसी को रहेगा। वैसे निष्पक्ष जांच व कार्रवाई नहीं हुई तो मामला उच्च न्यायालय पहुंचना लगभग तय है।
भईया जी की रिपोर्ट

