भोजपुर में अपराधी किस कदर बेखौफ घूम रहे हैं इसकी बानगी एक बार फिर तब देखने को मिली जब आरा शहर में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की हत्या के अगले ही दिन बीती रात को जिसे के पवना में दुर्गापूजा मेला देखकर लौट रहे युवक को बदमाशों ने सरेआम भून डाला। जानकारी के अनुसार बीती रात मेला देखकर लौट रहे अजीमाबाद थाने के बड़गांव निवासी युवक शांतनु को बाइक सवार तीन बदमाशों ने पीछे से गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। वारदात के समय शांतनु अपने मौसेरे भाई के साथ पैदल घर लौट रहा था। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अनुसंधान शुरू किया। हत्या के कारण का पता नहीं चला है। मृतक शांतनु बड़गांव निवासी कुंदन सिंह का पोता बताया जाता है और वह दुर्गापूजा प्रतिमा देखने और मेला घूमने गया था। उसके साथ उसका मौसेरा भाई भी था।
दोनों बीती रात दुर्गा मंदिर की ओर से घूमने के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पौना चौक से कुछ पहले पीछे से बाइक पर सवार तीन लोग पहुंचे। इससे पहले कि शांतनु कुछ समझ पाता, बदमाशों ने उसे गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस घटना से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शांतनु के मौसेरे भाई के मुताबिक, हमलावर अचानक पीछे से आए और गोली मारकर भाग निकले। घटना के समय दोनों पैदल जा रहे थे। उसने बताया कि शांतनु की किसी से पुरानी दुश्मनी नहीं थी। दुर्गा पूजा के पंडाल को लेकर भी किसी विवाद की जानकारी नहीं थी। ऐसे में युवक की हत्या से परिवार और स्थानीय लोग हैरान हैं।
पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है और बताया है कि घटना से कुछ ही देर पहले उनकी टीम गश्त के दौरान आगे निकल गई थी। बाद में गोली चलने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस वापस घटनास्थल पर पहुंची। शुरुआती तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका कि युवक को कितनी गोलियां लगीं और हमलावरों ने किस हथियार का इस्तेमाल किया।
हत्या के कारणों और आरोपियों की पहचान का पता लगाने की कोशिश चल रही है। शांतनु मैट्रिक का छात्र था। उसके परिवार में एक छोटा भाई कुणाल भी है। जवान बेटे की हत्या के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल, पुलिस जांच के बाद ही हत्या की वजह और वारदात से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकेंगी।
