नवादा : जिले के कादिरगंज थाना क्षेत्र के आंती गांव में 69 वर्षीय उमा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुटी है। बंद कमरे में शव मिलने और गले पर लाल निशान पाए जाने के बाद परिजनों ने मामले में संदेह जताया था। नाती के आवेदन पर पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की टीम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना की पड़ताल कर रही है। फिलहाल, मौत के कारणों और किसी की संलिप्तता को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बंद कमरे में मिला था महिला का शव
उमा देवी आंती गांव निवासी स्वर्गीय राधा रमन सिंह की पत्नी थीं। 10 अक्टूबर की सुबह उनके घर के एक कमरे में उनका शव मिला था। इससे पहले 9 अक्टूबर की रात करीब 12:30 बजे पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने उनके घर की ओर से कराहने की आवाज सुनी थी। हालांकि, उस समय घटना की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी। अगली सुबह जब उमा देवी ने घर का दरवाजा नहीं खोला, तो ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद घर के बाहर लगे चेन गेट का ताला तोड़कर लोग अंदर पहुंचे। कमरे में महिला मृत अवस्था में मिलीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
गले पर लाल निशान से उठे सवाल
घटनास्थल पर घर का सामान बिखरा हुआ नहीं मिला। बताया गया कि घर की वस्तुएं अपनी जगह पर थीं और किसी तरह की स्पष्ट तोड़फोड़ भी सामने नहीं आई। दूसरी ओर, उमा देवी के गले पर लाल निशान मिलने से परिजनों ने उनकी मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया। हालांकि, केवल गले पर निशान मिलने से मौत को हत्या मान लेना उचित नहीं होगा। महिला की मौत कैसे हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस अनुसंधान के बाद ही हो सकेगा।
नाती ने आवेदन देकर मांगी निष्पक्ष जांच
मृतका के नाती राजीव रंजन सिंह उर्फ मन्नू, पिता रामाकांत सिंह, निवासी जहाना गांव, थाना अकबरपुर ने 11 अक्टूबर को कादिरगंज थाने में आवेदन दिया। उन्होंने घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करने, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करने और उपलब्ध साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल करने का अनुरोध किया। आवेदन में गले पर मिले लाल निशान सहित उन परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है, जिनके कारण परिजनों को मौत को लेकर संदेह है। पुलिस ने कादिरगंज थाना कांड संख्या 228/26 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है। फिलहाल, हत्या के कारण और किसी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एसडीपीओ और थानाध्यक्ष ने किया निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए नवादा सदर एसडीपीओ-01 हुलास कुमार और कादिरगंज थानाध्यक्ष अवध किशोर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके की परिस्थितियों का जायजा लिया और परिजनों तथा आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। थानाध्यक्ष को मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए गए। घटना के बाद फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पुलिस की मदद से घटनास्थल की घेराबंदी कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। साक्ष्यों के वैज्ञानिक परीक्षण से घटना की परिस्थितियों को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
डीआईयू की टीम जुटा रही तकनीकी साक्ष्य
जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) की टीम आंती गांव पहुंची। टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ कर घटना से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है, ताकि महिला की मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। सदर एसडीपीओ-01 हुलास कुमार के अनुसार, परिजनों की ओर से संदेह जताए जाने के बाद हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मृतका के गले पर निशान मिला है और घर का सामान सुरक्षित पाया गया है। तकनीकी अनुसंधान के साथ मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
वर्ष 2004 से अकेले रह रही थीं उमा देवी
ग्रामीणों के अनुसार, उमा देवी के पति की मृत्यु वर्ष 2004 में हो गई थी। इसके बाद से वह अपने घर में अकेली रहती थीं। उनकी तीन बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और वे अपने-अपने ससुराल में रहती हैं। उनका कोई बेटा नहीं था। बेटियां, दामाद और नाती समय-समय पर उनसे मिलने आते थे, लेकिन ज्यादातर समय वह अकेली ही रहती थीं। बताया जाता है कि उमा देवी के पास जमीन-जायदाद थी, जिसकी देखभाल वह खुद करती थीं। वह अपना भोजन भी स्वयं बनाती थीं। 9 अक्टूबर की रात खाना खाने के बाद उन्होंने घर का मुख्य गेट बंद किया और अपने कमरे में सोने चली गई थीं। अगले दिन सुबह उनकी मौत की जानकारी सामने आई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
फिलहाल, उमा देवी की मौत से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। रात में कराहने की आवाज सुनाई देना, गले पर लाल निशान मिलना, बंद कमरे में शव पाया जाना और घर का सामान सुरक्षित रहना जांच के अहम बिंदु हैं। पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के निष्कर्षों का इंतजार है। इन्हीं के आधार पर मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। पुलिस जांच पूरी होने तक यह स्पष्ट नहीं है कि उमा देवी की मौत किन कारणों से हुई।
भईया जी की रिपोर्ट