बिहार के करीब 1.60 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों को आज सोमवार को राज्य सरकार की ओर से बतौर अनुग्रह अनुदान राशि 7—7 हजार रुपए उनके खाते में भेज दिये गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज 7-7 हजार रुपये की अनुग्रह राशि अनुदान के रूप में बाढ़ पीड़ित परिवारों को हस्तांतरित की। यह ऐसी दूसरी किश्त है जिसके तहत कुल 112.14 करोड़ की राशि लोगों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई गई। इससे पहले बीते माह की 15 तारीख को इस मद की पहली किश्त में 7—7 हजार रुपए पीड़ित परिवारों को दिये गए थे। मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित इस कार्यक्रम में राशि ट्रांसफर के बाद सीएम सम्राट चौधरी ने सभी डीएम को निर्देश दिया कि यदि अब भी कोई बाढ़ पीड़ित परिवार इस मदद का लाभ लेने से रह गया है तो वे ऐसे परिवार का नाम शीघ्र भेजें ताकि उन्हें भी यह राशि पहुंचाई जा सके।
बिहार में गंगा समेत कई नदियों के उफान और नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिला है। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सरकार ने प्रत्येक परिवार को 7,000 रुपये देने का फैसला किया था। इसी कड़ी में आज दूसरी किस्त के तहत 1,60,201 परिवारों के बैंक खातों में 112.14 करोड़ रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर माध्यम से भेजी गई है। इसके तहत कुल 1,60,201 प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार 7,000 रुपये दिए गए हैं। राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई जिससे बाढ़ के कारण प्रभावित हुए परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे पहले 15 सितंबर को पहली किस्त में 8,77,190 बाढ़ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई थी।
दरअसल, बिहार में सितंबर महीने में गंगा, सोन, पुनपुन समेत कई नदियां उफनाई थी, जिससे लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस कारण एक दर्जन से अधिक जिलों में 50 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सितंबर में बिहार का दौरा किया था और बाढ़ ग्रस्त इलाकों का जायजा भी लिया था। इस दौरान सम्राट सरकार द्वारा करीब 10 हजार करोड़ के प्रारंभिक नुकसान की रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसके बाद एक बार फिर नेपाल में भारी बारिश से बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति देखी गई। आज भी राशि ट्रांसफर करते हुए मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि मैं एक बार फिर सभी जिला अधिकारियों से कहूंगा कि आप ग्राउंड पर जाकर देखें कि कोई बाढ़ पीड़ित परिवार वंचित ना रहे। अगर कोई मिलता हो तो तुरंत उसकी जानकारी उपलब्ध करायी जाए।
