नवादा : बिहार सरकार के प्रस्तावित विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 को लेकर शिक्षक और कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है।इसी कड़ी में प्रदेश के पारंपरिक विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक-कर्मी लोक भवन मार्च में शामिल हुए। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा, बिहार के आह्वान पर आयोजित इस मार्च में मगध विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के हजारों शिक्षक और कर्मचारियों ने भाग लिया। टीएस कॉलेज, हिसुआ से भी दर्जनों शिक्षक-कर्मी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पटना रवाना हुए।

मार्च के दौरान कई शिक्षक-कर्मियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। मगध विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी टीएस कॉलेज, हिसुआ शिक्षक संघ के पूर्व सचिव एवं मूटा के संयोजक डॉ. अंजनी कुमार के नेतृत्व में लोक भवन मार्च में शामिल हुए। वहीं, टीएस कॉलेज, हिसुआ से शिक्षक संघ के सचिव डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षक-कर्मी सुबह ही पटना के लिए रवाना हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित अधिनियम का विरोध करते हुए इसे विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की व्यवस्था के लिए अनुचित बताया।
मगध विश्वविद्यालय प्रक्षेत्रीय कर्मचारी संघ के संयुक्त सचिव डॉ. शेखर ने कहा कि सरकार सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को राज्य सरकार के अधीन करना चाहती है, जो उनके अनुसार बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने प्रस्तावित अधिनियम को लेकर शिक्षक और कर्मचारियों की चिंताओं को सामने रखा। शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. स्वर्गेश कुमार ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए उन्हें जो भी संघर्ष करना पड़ेगा, वे इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक-कर्मी अपने अधिकारों और हितों को लेकर एकजुट हैं।
शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि प्रस्तावित विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता, शैक्षणिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। इसी के विरोध में शिक्षक और कर्मचारी लोक भवन मार्च में शामिल हुए।

उन्होंने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन के कारण राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य बाधित रहा। लोक भवन मार्च के दौरान पटना पुलिस ने डॉ. अंजनी कुमार, डॉ. संजय कुमार, डॉ. स्वर्गेश कुमार और डॉ. शेखर समेत कई शिक्षक-कर्मियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, बाद में सभी को छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम के बीच शिक्षक और कर्मचारी प्रस्तावित अधिनियम के विरोध में अपनी मांगों पर डटे रहे।
लोक भवन मार्च में टीएस कॉलेज, हिसुआ के शिक्षक संघ सचिव डॉ. संजय कुमार, डॉ. स्वर्गेश कुमार, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. नागेंद्र दास, डॉ. शेखर, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार, शैलेन्द्र कुमार और सुरेश प्रसाद सहित दर्जनों शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित अधिनियम को लेकर अपनी आपत्तियां जताईं और शिक्षक-कर्मियों के हितों तथा विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराया।

भईया जी की रिपोर्ट
