– विधान पार्षद ने किया उद्घाटन
नवादा : जिले के नारदीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सफारी म्यूजियम परिसर में भव्य सांस्कृतिक संध्या एवं कला समागम का गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध इस प्रांगण में आयोजित दोहरे सांस्कृतिक सत्रों ने लोक संस्कृति, कला और परंपरा का ऐसा इंद्रधनुषी संसार रचा कि सुदूर ग्रामीण इलाकों से पहुंचे सैकड़ों कला प्रेमी देर रात तक मंत्रमुग्ध होकर जमे रहे।

इस कार्यक्रम का उदूघाटन फीता काटकर विधान पार्षद अशोक यादव ने शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों, दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण के साथ हुआ। प्रारंभ हुए प्रथम सत्र में स्थानीय उदीयमान कलाकारों ने मगध की माटी से जुड़ी लोकधुनों और शास्त्रीय सुरों के संगम से वातावरण को भक्ति और उल्लास से सराबोर कर दिया। दूसरे सत्र में आमंत्रित ख्यातिलब्ध कलाकारों ने मंच संभाला और अपनी सधी हुई प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
कलाकारों ने कजरी, झूमर, सोहर और पारंपरिक लोकनाट्य शैलियों के माध्यम से सदियों पुरानी बिहारी विरासत और सामाजिक समरसता के ताने-बाने को जीवंत कर दिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों—ढोलक, नाल, झाल और हारमोनियम—की सधी हुई थाप पर थिरकते कलाकारों की भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों को अपनी जड़ों से जोड़ दिया। कई मंचीय प्रस्तुतियों में समाज को पर्यावरण संरक्षण, जल-जीवन-हरियाली और लोक मर्यादाओं का संदेश भी बड़ी सहजता से संप्रेषित किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।
इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक उत्सव में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, प्रबुद्ध शिक्षाविद, समाजसेवी, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहीं। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने कहा कि आधुनिकता की अंधी दौड़ और डिजिटल युग में जब युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध पहचान से दूर हो रही है, तब ऐसे आयोजन सांस्कृतिक संजीवनी का काम करते हैं। सफारी म्यूजियम जैसे सार्वजनिक स्थल पर इस प्रकार का प्रयास लोक कलाकारों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ नवादा की ऐतिहासिक पहचान को भी राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करता है।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी कलाकारों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में आयोजकों ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया और संपूर्ण आयोजन अत्यंत सौहार्दपूर्ण, अनुशासित और गरिमामयी वातावरण के बीच संपन्न हुआ।
भईया जी की रिपोर्ट

