झारखंड के धनबाद से एक गजब खबर सामने आई है। यहां बीजेपी की सेवा संकल्प यात्रा के दौरान बाघमारा से भाजपा विधायक शत्रुघ्न महतो हाथ में जलती हुई मशाल पकड़ कर भाषण दे रहे थे। हाई जोश में आए विधायक जी ने इस दौरान इस कदर मशाल को जनता के बीच लहराया कि अचानक मशाल की लपटों की चपेट में खुद विधायक जी का कुर्ता आ गया। नेताजी के कुर्ते में अचानक आग लग गई और वहां चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद लोगों की आग-आग की चीखें सुनते ही विधायक जी के जोश पर ब्रेक लगा और उन्होंने आव देखा न ताव भाषण बीच में छोड़ा और स्टेज से भागने लगे। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। बताया गया कि यहां कार्यकर्ताओं की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

धनबाद में सेवा संकल्प यात्रा के दौरान की घटना
यह वाकया धनबाद के जगजीवन नगर में बीते दिन बुधवार को घटित हुआ। गनीमत यह रही कि घटना में विधायक को कोई गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि कुछ देर के लिए वहां मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति जरूर बन गई। घटना उस वक्त हुई जब धनबाद सांसद ढुल्लू महतो मीडिया को बयान देने की तैयारी कर रहे थे। उस समय विधायक शत्रुघ्न महतो उनके पीछे खड़े होकर भाषण दे रहे थे। वहीं पास में जल रही मशाल जब उन्होंने लहराई तो अचानक एक चिंगारी निकली और सीधे विधायक के कुर्ते पर जा गिरी। हालांकि चिंगारी विधायक तक कैसे पहुंची और मशाल की स्थिति क्या थी, इसे लेकर अभी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
आग के बाद कार्यक्रम में मची अफरातफरी
चिंगारी गिरते ही कपड़े में आग की लपटें उठने लगीं और देखते-देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद कार्यकर्ता और समर्थक तुरंत आग-आग चिल्लाए, जिससे विधायक की ओर लोगों का ध्यान गया और समय रहते उनके कुर्ते में लगी आग को बुझा दिया गया। समय रहते बड़ा नुकसान टल गया। हालांकि उनके कुर्ते का कुछ हिस्सा जल गया, लेकिन स्थिति को जल्द काबू में कर लिया गया। आग बुझने के बाद कार्यक्रम को सामान्य रूप से आगे बढ़ाया गया। घटना में किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। दरअसल आग लगने की घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर निकाली गई सेवा ज्योति/सेवा संकल्प यात्रा के दौरान हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए और मशाल जुलूस के रूप में कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान हुई घटना ने मशाल जुलूस और ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल पैदा कर दिए हैं।
