नवादा : सदर अस्पताल ओपीडी विभाग में मरीजों के साथ घोर लापरवाही का मामला सामने आया है । यहां मरीजों का नहीं बल्कि भीड़ का इलाज किया जा रहा है जिसके कारण आम लोगों को सदर अस्पताल की चिकित्सा प्रणाली पर भरोसा समाप्त होने लगा है। इस संबंध में समाजसेवी शंभू विश्वकर्मा ने बताया कि सदर अस्पताल में 8 बजे प्रातः से ओपीडी का निबंधन शुरू होता है। ओपीडी विभाग में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के आते आते भीड़ काफी बढ़ जाती है।

भीड़ को कम करने के लिए चिकित्सक द्वारा मरीज का कोई फिजिकल चेक नहीं किया जाता बल्कि मरीज से ही बीमारी का नाम पूछ कर बिना देखे दवाईयां लिख दी जाती है। इतना ही नहीं ऑनलाइन दी गई पर्ची पर मरीजो का वजन, रक्तचाप, एसपीओ 2, पल्स, टेम्प्रेचर और आरबीएस जैसे जरूरी चिकित्सीय कॉलम में बिना किसी जांच के अपनी मर्जी से कुछ भी लिख दिया जाता है जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने अस्पताल की पर्ची शेयर करते हुए बताया कि 7 सितंबर को चर्मरोग से संबंधित बीमारी के इलाज के लिए स्वयं ओपीडी में ऑनलाइन निबंधन करवाया। वहां डॉ श्रीकांत की ड्यूटी थी किंतु उनके कोर्ट का कार्य होने के कारण डॉ संतोष कुमार विभाग को देख रहे थे। उन्होंने मुझसे पूछा क्या बात है तो मैने दिनाय टाइप का कुछ होने की बात कही। मैं वो जख्म दिखाना भी चाह रहा था किंतु मेरे हाथ में ऑनलाइन पर्ची थमा दी गई और बोला जाइए हो गया आपका।
इसी प्रकार वहां लाइन में लगे अन्य मरीजों के साथ भी किया जा रहा था। आश्चर्य तो तब हुआ जब मैने दवा के कॉन्टर पर दवाई ली और पर्ची देखा तो उसमें मेरा रक्तचाप टेंपरेचर वजन इत्यादि सब फॉल्स लिखा था क्योंकि डॉक्टर ने मुझे छुआ तक नहीं। इसी प्रकार अन्य मरीजों के साथ भी किया गया। शिकायत सीएस से की गई तो “ठीक है देखेंगे ” कहकर टाल दिया गया।

दरअसल सदर अस्पताल में गरीब मरीज जाते हैं लेकिन उन्हें संतोषजनक इलाज देने के वजाय भीड़ छाटने का उपक्रम किया जाता है ताकि असंतुष्ट होकर मरीज निजी क्लीनिक का सहारा ले सके। उन्होंने बताया कि अगर संतोषजनक इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं होगी तो स्वास्थ्य मंत्री के प्रस्तावित आगमन पर प्रतिनिधिमंडल मुलाकात कर शिकायत की जाएगी।
भईया जी की रिपोर्ट

