चिराग पासवान की पार्टी LJPR के सिवान में दरौली सीट से विधायक विष्णुदेव पासवान पर रंगदारी मांगने का आरोप लगा है। दरौली थाने की पुलिस ने इस सिलसिले में विधायक के प्रतिनिधि और उनके सहयोगियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार विधायक और उनके प्रतिनिधि के खिलाफ प्रखंड में बन रहे नए मॉडल ब्लॉक के ठेकेदार ने दौराली थाने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ठेकेदार ने अपनी शिकायत में कहा है कि विधायक और उनके प्रतिनिधि उससे सरकारी निर्माण कार्य के ठेके में उससे 3 प्रतिशत कमीशन की डिमांड कर रहे हैं। ठेकेदार ने आरोप लगाया कि उससे 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है। संवेदक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में केस दर्ज करते हुए विधायक प्रतिनिधि और उसके साथियों को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है।
चिराग के दरौली विधायक पर उठी अंगुली
ठेकेदार ने पुलिस को दिये आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि मांग पूरी नहीं करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई है। उसने यह भी बताया कि उसपर निर्माण कार्य बंद कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले में विधायक से संपर्क करने पर उन्होंने ठेकेदार के सारे आरोपों को गलत बताया। पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार दरौली के आंदर में नए प्रखंड भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी का निर्माण करा रहे ठेकेदार ने पुलिस से विधायक और उनके प्रतिनिधि से सुरक्षा की मांग करते हुए उनके खिलाफ रंगदारी मांगे जाने की शिकायत की है। ठेकेदार का कहना है कि कुल निर्माण कार्य 15 लाख 45 हजार रुपये का है और इसी का 3 प्रतिशत बतौर कमीशन तथा 50 लाख अलग से मांगा जा रहा है।
ठेकेदार ने यह भी कहा कि उसे इस मकसद से पहले भी धमकी तथा मारपीट से गुजरना पड़ा था। इसके लेकर पिछले माह पुलिस में सनहा भी दर्ज कराया गया था। यहीं नहीं, सनहा दर्ज कराने दो दिन बाद ही निर्माण कार्य में लगे उसके कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की गई जिसको लेकर भी अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इधर ठेकेदार द्वारा की गई ताजा शिकायत के बाद पुलिस ने दो नामजद आरोपियों अमित कुमार पासवान और साहेब हुसैन को हिरासत में लिया है। अमित को विधायक का प्रतिनिधि बताया जाता है जबकि दूसरा आरोपी भवराजपुर का रहने वाला है। उधर दरौली विधायक विष्णुदेव पासवान ने प्रखंड भवन के निर्माण करा रहे ठेकेदार के कराए गए समस्त कार्यों की जांच कराने की मांग भवन निर्माण विभाग से की है। इसको लेकर उन्होंने विभाग के सचिव को एक पत्र भी लिखने की बात कही।