अरवल – जिला पदाधिकारी, अरवल अमृषा बैंस द्वारा सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), सर गणेश मेमोरियल प्लस टू उच्च विद्यालय, जयपुर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, कक्षाओं में पठन-पाठन की व्यवस्था, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, आईसीटी लैब, विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, खेलकूद एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ विद्यालय में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया गया। निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा विभिन्न कक्षाओं में संचालित पठन-पाठन की कार्यशैली एवं विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित कर विषयवार पठन-पाठन, शिक्षण व्यवस्था तथा विद्यालय में उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यालय में आयोजित पैरेंट-टीचर मीटिंग में उपस्थित अभिभावकों से भी संवाद किया गया। उन्होंने अभिभावकों से विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, पठन-पाठन की व्यवस्था तथा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षणिक सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक विकास के लिए विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों एवं अभिभावकों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यार्थियों से विद्यासाथी ऐप के संबंध में भी विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि विद्यासाथी ऐप डाउनलोड कर वे विद्यालय अवधि के अतिरिक्त अपने घर पर भी उपलब्ध डिजिटल शैक्षणिक सामग्री एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से अध्ययन कर सकते हैं।
जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यालय में संचालित आईसीटी लैब, फिजिक्स लैब, केमिस्ट्री लैब एवं बायोलॉजी लैब का निरीक्षण किया गया। प्रयोगशालाओं में उपलब्ध संसाधनों, उपकरणों एवं उनके उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही प्रशासन को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ प्रयोगात्मक शिक्षा का भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराया जाए, ताकि संबंधित विषयों की अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझने में उन्हें सहायता प्राप्त हो सके। विद्यालय के पुस्तकालय के निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध पुस्तकों, उनके रखरखाव एवं विद्यार्थियों द्वारा पुस्तकालय के उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं विद्यालय के प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया कि विद्यालय में प्रत्येक कक्षा का संचालन निर्धारित टाइम टेबल के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी शिक्षकों के लिए विषयवार समय-सारणी निर्धारित रखने का निर्देश दिया गया, ताकि संबंधित विषय के शिक्षक निर्धारित समय पर अपनी कक्षाओं में उपस्थित होकर नियमित एवं सुचारू रूप से पठन-पाठन कार्य का संचालन सुनिश्चित कर सकें।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का सतत मूल्यांकन करने के उद्देश्य से साप्ताहिक टेस्ट आयोजित करने, उत्तर पुस्तिकाओं की नियमित जांच करने तथा मूल्यांकन के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक कमियों को चिह्नित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। खेलकूद एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश संबंधित खेल शिक्षक को दिया। विद्यालय में उपलब्ध खेल सामग्रियों का समुचित उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से विभिन्न खेल गतिविधियों में भाग लेने का अवसर उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों में विशेष रुचि रखने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें उनकी प्रतिभा एवं रुचि के अनुरूप आवश्यक प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि विद्यार्थी शैक्षणिक गतिविधियों के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें। जिला पदाधिकारी द्वारा विद्यालय में मॉर्निंग असेंबली के नियमित संचालन पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रतिदिन निर्धारित समय पर मॉर्निंग असेंबली का आयोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शैक्षणिक गतिविधियों, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मॉर्निंग असेंबली के दौरान प्रोत्साहित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं बेहतर प्रदर्शन करने की भावना विकसित हो सके।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट
