नवादा : जिले के रजौली अनुमंडल मुख्यालय अस्पताल में करीब छह वर्षों से उपाधीक्षक का पद रिक्त रहने से अस्पताल की प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। रजौली की बड़ी आबादी इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल पर निर्भर है। ऐसे में स्थायी उपाधीक्षक की नियुक्ति स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग बन गई है।
जानकारी के अनुसार, तत्कालीन उपाधीक्षक एन के चौधरी के निधन के बाद से उपाधीक्षक का पद खाली है। वर्तमान में डॉ. दिलीप चौधरी प्रभारी उपाधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लेकिन स्थायी उपाधीक्षक नहीं होने के कारण अस्पताल को अपेक्षित वित्तीय अधिकार नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण कई छोटे-मोटे आवश्यक कार्यों को पूरा करने में परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका सीधा असर अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ता है। रजौली अनुमंडल अस्पताल आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में यहां स्थायी उपाधीक्षक की नियुक्ति बेहद जरूरी है।
उपाधीक्षक की नियुक्ति को लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा भी कई बार आवाज उठाई जा चुकी है। क्षेत्रीय विधायक विमल राजवंशी ने इस मामले को लेकर संबंधित स्तर पर पत्राचार करने के साथ विधानसभा में भी अस्पताल में उपाधीक्षक का पद खाली रहने का मुद्दा उठाया था। बावजूद अब तक स्थायी नियुक्ति नहीं होने से लोगों में निराशा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा मामला उठाए जाने के बाद भी यदि वर्षों तक पद रिक्त रहता है तो अस्पताल की व्यवस्था को लेकर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द स्थायी उपाधीक्षक की नियुक्ति कर अस्पताल को पर्याप्त वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।
भईया जी की रिपोर्ट