जम्मू-कश्मीर के कठुआ स्थित CISF कैंप में बिहार के रहने वाले एक जवान ने अपने ही साथियों पर सर्विस राइफल से गोली चला दी। इस घटना में एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार CISF कर्मियों की मौत हो गई। घटना बीती शाम करीब 7 बजे हुई। जानकारी के अनुसार आरोपी कांस्टेबल का ड्यूटी पर तैनात कुछ अन्य सहकर्मियों के साथ किसी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान कथित तौर पर उसने अपनी AK-47 से साथियों पर फायरिंग कर दी। अचानक हुई फायरिंग में चार CISF कर्मियों की जान चली गई जिनमें कंपनी कमांडर के पद पर तैनात असिस्टेंट कमांडेंट भी शामिल हैं। आरोपी जवान की पहचान हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह के रूप में हुई है। अवधेश कुमार सिंह बिहार का रहने वाला है और उसकी पत्नी पूजा देवी भी CISF में लेडी हेड कांस्टेबल है। अंधाधुंध फायरिंग में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार की मौत हुई।

पत्नी भी कांस्टेबल, दोनों की ड्यूटी उसी साइट पर
सूत्रों के अनुसार 4 साथी जवानों की हत्या करने वाले अवधेश कुमार सिंह की बौखलाहट के पीछे बच्चे के हैंडओवर को लेकर चल रहा एक मामूली विवाद सामने आया है। दरअसल अवधेश और उसकी पत्नी लेडी हेड कॉन्स्टेबल पूजा देवी दोनों एक ही प्रोजेक्ट साइट पर तैनात हैं और उनकी ड्यूटी अलग-अलग शिफ्ट में लगती थी। घटना की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बहस इस बात पर शुरू हुई थी कि यह जोड़ा अक्सर अपने छोटे बच्चे को काम की जगह पर ले आता था। जांच अधिकारी ने कहा कि यह जोड़ा एक ही साइट पर अलग-अलग शिफ्ट में काम करता था। जब एक साथी ड्यूटी पर आता था, तो वह बच्चे को साथ लाता था ताकि उसे घर लौट रहे दूसरे साथी को सौंप सके। उन्हें बच्चे को प्रोजेक्ट साइट पर न लाने के लिए कहा गया था।
बच्चे के हैंडओवर को लेकर था विवाद
यह मामला पिछले कुछ दिनों से चल रहा था। लेडी हेड कॉन्स्टेबल पूजा देवी अपने बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड ड्यूटी पर आती थीं, जब उनके पति हेड कॉन्स्टेबल अवधेश कुमार सिंह ड्यूटी पर होते थे। यूनिट प्रशासन ने उन्हें बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड इलाके में आने या रहने की इजाज़त नहीं दी थी। सूत्रों ने बताया कि आज भी उनमें से एक बच्चे को साइट पर लाया था ताकि उसे दूसरे साथी को सौंप सके। इसी बीच किसी ने कंपनी कमांडर से इसकी शिकायत कर दी। इसी बात पर बहस हो गई थी। सूत्रों का कहना है कि असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे से की गई शिकायत से अवधेश कुमार भड़क गए। गुस्से में आकर वह मेन गेट के पास बने ऑपरेशन्स सेक्शन ऑफिस में गए, जहां चार जवान मौजूद थे और वहां पहुंचते ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
