नेपाल और बिहार में बंगाल की खाड़ी के उपर बने चक्रवाती तूफान अर्णब के असर के कारण पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। पटना समेत समूचे बिहार में रुक-रुक कर बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। पटना और कई जिलों में आज इसके लेकर अलर्ट जारी किया गया है। तेज हवा के कारण बेगूसराय और खगड़िया समेत कई जगहों पर कच्चे घर क्षतिग्रस्त हो गए। बेगूसराय के रघुनाथपुर बरारी पंचायत के श्रीनगर गांव में ईंट से बना कच्चा मकान गिरने से 70 वर्षीय वृद्ध गणेश प्रसाद यादव की मौत हो गई। वहीं खगड़िया के बेलदौर प्रखंड में घर की दीवार गिरने से 10 वर्षीय शिवम कुमार की मौत हो गई। इसबीच पड़ोसी देश नेपाल में भी हो रही लगातार बारिश से बिहार पर फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वाल्मीकिनगर बराज से डिस्चार्ज में इजाफा हो रहा है। गंडक, कोसी और बागमति समेत विभिन्न नदियां उफान पर हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ व बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्णब के प्रभाव से तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। आज पटना समेत कई जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं गोपालगंज, दरभंगा, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सारण, सीवान, सीतामढ़ी, कटिहार, खगड़िया, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, बेगूसराय, कैमूर, भागलपुर, मुंगेर और रोहतास में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तर बिहार में नेपाल से आने वाली नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में तटबंधों की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
इधर राजधानी पटना में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़के जलमग्न हो गईं हैं। इस कारण सड़क पर बने गड्ढों के कारण लगातार हादसे हो रही है। राजीव नगर, एजी कॉलोनी, कृषि नगर, गोला रोड, न्यू बायवास, 70 फीट, कंकड़बाग समेत कई जगह अलग अलग कामों के लिए क्षतिग्रस्त की गई सड़कों के गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अभी 30 सितंबर तक मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। बताया जाता है कि बीती रात नौ बजे तक सुपौल में भीमनगर बराज से इस साल कोसी नदी का अब तक का सर्वाधिक 2,87,890 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए बराज के 56 में से 38 फाटक खोल दिए गए हैं। इधर, नेपाल प्रभाग स्थित बराह क्षेत्र से रात नौ बजे 2,47,950 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज रिकॉर्ड हुआ, जो इस साल का सर्वाधिक है। सुपौल, सहरसा, अररिया के कई गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। इधर, नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण गंडक नदी के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि हो रही है। गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जल संसाधन की टीम लगातार निगरानी कर रही है।