-निर्धारित समय पर नहीं खुल रहे आंगनबाड़ी केंद्र, कई जगहों पर इंतजार करती मिलीं सहायिका
नवादा : यूं तो जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की बात करें तो कहीं अच्छी नहीं है। कारण स्पष्ट है निरीक्षण का घोर अभाव। केन्द्रों के निरीक्षण के लिए निरीक्षक के साथ सीडीपीओ की व्यवस्था है। सीडीपीओ को कार्यालय में बैठकर वसूली करने से फुर्सत नहीं है तो निरीक्षक पहुंचने से पहले आगाह कर दे रही है। यह जमीनी हकीकत है जिससे कोई इंकार नहीं कर सकता। “आंगनबाड़ी खोल केबाड़ी, नैं खोलमा तौ देबौ गारी”। ऐसे में जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों का अवलोकन किया। आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्धारित समय पर संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

नगर पंचायत क्षेत्र के कई केंद्रों की पड़ताल में सुबह निर्धारित समय तक केंद्रों के संचालन में लापरवाही की स्थिति सामने आई। कई केंद्रों पर सेविका-सहायिका के पहुंचने और केंद्र खुलने को लेकर असमंजस की स्थिति दिखी। नगर पंचायत स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र सुबह करीब 9:15 बजे तक बंद मिला। यहां सहायिका सेविका के आने और चाबी लेकर केंद्र खोलने का इंतजार करती मिली। वहीं विनोबा नगर आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल परिसर के एक कमरे में संचालित होता है। स्कूल खुला था, लेकिन केंद्र पर सहायिका के मौजूद नहीं रहने की बात सामने आई।
बलिया आंगनबाड़ी केंद्र भी स्कूल परिसर में संचालित होता है। यहां केंद्र की चाबी स्कूल शिक्षक के पास रहने की बात बताई गई।सेविका-सहायिका शिक्षक के आने और गेट खुलने का इंतजार करती दिखीं। दूसरी ओर बाल विकास परियोजना कार्यालय खुला था। एक डाटा एंट्री ऑपरेटर मौजूद था, जबकि बड़ा बाबू बगल के एचडी कार्यालय में बैठे मिले। उन्होंने बताया कि सीडीपीओ नीति कुमारी केंद्रों के सत्यापन में गई हैं और दोपहर 12 बजे के बाद कार्यालय आएंगी। सीडीपीओ ने फोन पर कहा, “देख लेते हैं।”
भईया जी की रिपोर्ट

