मुजफ्फरपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया जिसमें गोपालगंज के रहने वाले एक युवक ने प्रेमिका को पाने के लिए खुद की हत्या की खौफनाक साजिश रची। उसने अपनी हत्या की झूठी खबर फैलाई और खुद प्रेमिका के लेकर फरार हो गया। उसकी हत्या की प्राथमिकी भी दर्ज हो गई और पुलिस ने अब इसके 3 साल बाद युवक को जिंदा गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया है। मामला मुजफ्फरपुर के देवरिया थाना क्षेत्र का है जहां 2022 में गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के रहने वाले सोनू कुमार की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जिस युवक की निर्मम हत्या की बात कहकर पुलिस फाइलों में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, वह मृतक सोनू कुमार चार साल बाद खुद जिंदा और सकुशल खुद थाने पुलिस के सामने हाजिर हो गया। पुलिस के सामने युवक ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि उसने अपने प्रेम-प्रसंग को छिपाने और दुनिया की नजरों से गायब होने के लिए खुद की हत्या की झूठी कहानी गढ़ी थी।
व्हाट्सएप पर आई खून से लथपथ फोटो
घटना की शुरुआत 6 नवंबर 2022 को हुई थी, जब गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र का रहने वाला सोनू कुमार दुकान का सामान खरीदने के लिए ₹50,000 नकद लेकर पटना के लिए निकला था। 9 नवंबर को उसके भाई धीरज प्रसाद श्रीवास्तव ने छोटे भाई के गायब होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। व्हाट्सएप सोनू की खून से लथपथ फोटो आई थी। मामले में मोड़ तब आया जब सोनू के ही मोबाइल से परिजनों को एक व्हाट्सएप ऑडियो और खून से लथपथ सिर की तस्वीर भेजी गई। ऑडियो संदेश में दावा किया गया कि मुजफ्फरपुर के देवरिया थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों ने उससे बैग छीन लिया है और उसकी हत्या कर दी है। इसके बाद देवरिया थाने में कांड संख्या 25/23 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
प्रेम प्रसंग में रची खुद के हत्या की कहानी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देशन और एसडीपीओ सरैया अभिजीत कौर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि सोनू किसी अपराध का शिकार नहीं हुआ था, बल्कि उसने 6 नवंबर 2022 को ही अपनी प्रेमिका से रिश्ता बनाये रखने के लिए ये पूरा प्लान तैयार किया। सोनू ने परिजनों को गुमराह करने के लिए खुद की हत्या का यह झूठा ड्रामा रचा था।
सोनू 6 नवंबर 2022 को ही अपनी प्रेमिका को साथ लेकर दूसरे राज्य फरार हो गया था। इस मामले में युवती की मां ने भी थावे थाने में पहले से एफआईआर (कांड संख्या 324/22) दर्ज कराई थी। थानाध्यक्ष देवरिया और जांच टीम के लगातार दबिश बनाए रखने के कारण आखिरकार सोनू कुमार को वापस लौटना पड़ा और वह 17 सितंबर 2026 को देवरिया थाने में उपस्थित हो गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी सोनू पर कानून को गुमराह करने और झूठा मामला दर्ज कराने के सिलसिले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
